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बहार में नदियों से निकाली गई गाद राष्ट्रीय राजमार्गों की निर्माण में इस्तेमाल होगी

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27 परियोजनाओं में 835 लाख घन मीटर गाद के उपयोग का प्रस्ताव है। मिस्टर गडकरी ने इस मौके पर कहा कि वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालने से पानी के बहाव और निकासी के सिस्टम में सुधार होगा

नई दिल्ली, 03 नवंबर (यूएनआई) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और बहार सरकार ने नदियों और अन्य जलाशयों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालने और इसे राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में इस्तेमाल करने के लिए एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

सड़क परिवहन और राजमार्ग के मुख्य मंत्री नतन गडकरी और बहार के मुख्यमंत्री समराट चोदरी की उपस्थिति में मंगलवार को इस समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य जलाशयों की पानी संग्रह करने की क्षमता बढ़ाना, बाढ़ के जोखिम को कम करना, कृषि भूमि की सुरक्षा और राजमार्गों के निर्माण के लिए उपयोगी सामग्री प्रदान करने के साथ नदियों की पुनर्स्थापना को बढ़ावा देना है। 'नदी संजीओनी' नामक इस पहल के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के 16 निर्माणाधीन परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर गाद इस्तेमाल की जाएगी, जबकि भविष्य के 27 परियोजनाओं में 835 लाख घन मीटर गाद के उपयोग का प्रस्ताव है। मिस्टर गडकरी ने इस मौके पर कहा कि वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालने से पानी के बहाव और निकासी के सिस्टम में सुधार होगा, जबकि सड़क निर्माण में इस गाद के उपयोग से लागत कम करने में मदद मिलेगी। मिस्टर चोदरी ने कहा कि राज्य में बार-बार आने वाली बाढ़ से किसानों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचता है। उन्होंने बताया कि गाद के प्रबंधन के लिए बहार जल संसाधन पुनर्स्थापना और गाद के प्रबंधन से संबंधित नीति 2026 तैयार की गई है।

बहार में राष्ट्रीय हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के 39 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिन पर 58,340 करोड़ रुपये की निवेश की जा रही है। इसके अलावा 11 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें 1,85,200 करोड़ रुपये की निवेश शामिल है। समझौता पत्र के तहत गाद निकालने और इसके उपयोग का काम तकनीकी जांच और पर्यावरणीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। बहार में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क 2014 में 4,615 किलोमीटर था, जो बढ़कर अब लगभग 6,500 किलोमीटर हो गया है।

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