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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्थित दरालूम नदवातुल उलमा जिसे नदवी कॉलेज के नाम से जाना जाता है, पर प्रिंसिपल सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कॉलेज परिसर में रहने और तबलीगी जमात से संबंधित अपनी गतिविधियों की समय पर सूचना देने में विफलता पर पर्यटक वीजा पर भारत आने वाले एक विदेशी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ), लखनऊ से मिली जानकारी के बाद की गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, फिलिपीनो नागरिक मोहम्मद ईरान सेरीप ने दिल्ली की यात्रा की और 30 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच लखनऊ के दरालूम नदवातुल उलमा परिसर में रहने के लिए रुके। जांच में यह बात सामने आई है कि वह केवल पर्यटक वीजा पर भारत आया था, लेकिन संबंधित विभागों को उसके रहने और गतिविधियों के बारे में सूचित नहीं किया गया था।
दरालूम नदवातुल उलमा के प्रिंसिपल सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दरालूम नदवातुल उलमा के प्रिंसिपल सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है (इटीवी भारत) धार्मिक गतिविधियां सख्ती से प्रतिबंधित हैं: नियमों के अनुसार, पर्यटक वीजा पर भारत आने वाले किसी भी विदेशी नागरिक को धार्मिक प्रचार या तबलीगी जमात से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने से मना किया जाता है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अगर इस तरह की उल्लंघनाओं की पुष्टि हो जाती है, तो विदेशी नागरिक को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें भविष्य में भारत की यात्रा पर प्रतिबंध भी शामिल है।
एफआरआरओ ने खुलासा किया: जब एफआरआरओ, लखनऊ को दरालूम नदवातुल उलमा परिसर में विदेशी नागरिक के रहने के बारे में पता चला, तो उसने तुरंत लखनऊ पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने लगभग सात दिन तक पूरी जांच की। जांच में यह बात सामने आई कि प्रिंसिपल मौलाना अब्दुल अजीज नदवी, सब रजिस्ट्रार हारून रशीद, हॉस्टल वार्डन मोहम्मद कैसर नदवी और मेन गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड कथित तौर पर स्थानीय पुलिस स्टेशन या एफआरआरओ को विदेशी नागरिकों के कॉलेज परिसर में प्रवेश और रहने के बारे में सूचित करने में विफल रहे, जो कि विदेशी पंजीकरण कानूनों का उल्लंघन माना जाता है।
पुष्टि के बाद एफआईआर दर्ज: सात दिन की जांच के बाद तथ्यों की पुष्टि होने के बाद, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विदेशी अधिनियम और विदेशी पंजीकरण कानूनों के उल्लंघन पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 2023, धोखाधड़ी के लिए धारा 318(4) और आपराधिक साजिश के लिए 61 के साथ-साथ विदेशी पंजीकरण अधिनियम, 1939 की धारा 5 और विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज किया है।
हसनगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ अमरनाथ वर्मा ने कहा, "विदेशी नागरिक के अवैध रहने के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच जारी है।"







