मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को तबाह करके निवेशकों का भरोसा तोड़ दिया है: कांग्रेस
Awaz E Bihar
••0 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर देश की अर्थव्यवस्था को तबाह करने और निवेशकों का भरोसा तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह कमजोर होती रुपये और विदेशी निवेशकों की बिकवारी को रोकने में असफल साबित हो रही है, जिसके कारण शेयर बाजार में आम निवेशकों को नुकसान हो रहा है।
कांग्रेस के प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मोदी सरकार में देश का हर नागरिक परेशान है। युवा, किसान या छोटे व्यापारी सभी परेशान हैं। कर्ज से परेशान किसान और युवा हर दिन आत्महत्या कर रहे हैं। लाखों पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्तियां नहीं की जा रही हैं। जहां रिक्तियां निकलती हैं, वहां परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है और सरकार के पसंदीदा लोगों को इसका लाभ मिलता है।
श्री गोहिल ने कहा कि 1991 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में थी और उस समय देश का सोना विदेश में गिरवी रखा गया था। उस समय डॉ. मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे और उन्होंने भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सुधारों की शुरुआत की। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को भारतीय बाजार में आने का रास्ता दिया गया, जिससे देश में विदेशी निवेश आने लगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। आज स्थिति इसके उलट है। विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। इस साल अब तक लगातार एफआईआई की बिकवारी और नकारात्मक रुझान की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, तो अब ऐसा क्यों हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने शेयर बाजार को लेकर बड़े-बड़े दावे किए और लोगों से इसमें पैसा लगाने की अपील की थी। जिस दिन शेयर बाजार के ऊपर जाने की बात कही गई थी, उस दिन सेंसेक्स 85,836 पर था, लेकिन 29 सितंबर 2026 को यह गिरकर लगभग 72,500 पर आ गया है। उन्होंने कहा कि इससे जनता के लगाए गए पूंजी की कीमत घट गई और उसके ऊपर लोगों को कर भी देना पड़ा।
श्री गोहिल ने कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने, तब पूरी दुनिया में मंदी थी, लेकिन इसका असर भारत पर नहीं पड़ने दिया गया। उन्होंने कहा कि यूपीए के शासनकाल में वैश्विक मंदी के बावजूद सेंसेक्स में लगभग 398 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
उन्होंने कहा कि आज रुपये कमजोर होकर प्रति डॉलर 100 के करीब पहुंच रहा है। सवाल यह है कि प्रधानमंत्री इस पर मौन क्यों हैं और विदेशी संस्थागत निवेशक हर दिन पैसा निकालकर क्यों जा रहे हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि जब कांग्रेस सरकार के समय कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल थी, तब भी पेट्रोल और डीजल इतने महंगे नहीं थे, तो आज इथेनॉल और मिलाने के बावजूद ईंधन की कीमत इतनी अधिक क्यों है?
चुनाव आयोग के संदर्भ में भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा और कहा कि चुनाव जीतने के लिए कानून में बदलाव किया गया और चीफ जस्टिस को बाहर करके अमित शाह को शामिल किया गया और गीतांजली कुमार को चुनाव आयोग में बैठाया गया। उन्होंने अब बीजेपी को जीताने के लिए पूरी ताकत लगा दी, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने अपनी आवाज उठाई। कांग्रेस के प्रवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश नरिमन के संदर्भ में कहा कि लगभग 90 लाख मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया और इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट को विशेष समग्र पुनरावलोकन (एसआईआर) रोकने के लिए यह पर्याप्त नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मतदान रद्द होने के खिलाफ अपील करने वालों में 93 प्रतिशत लोगों के वोट वैध निकले।
कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि वर्ष 2024 में लोगों से शेयर बाजार में पैसा लगाने की अपील करने के बाद बाजार में निवेश करने वालों को होने वाले भारी नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा?