पोस्ट हाउस और पायरेट्स ऑफ ग्रेल पर छापा, अस्वीकृत मसाले नष्ट, हज़ारों की खाद्य वस्तुओं की जब्त
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पटना, 10 अक्टूबर: बिहार में जनता को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के दावों के बीच, पटना के प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का पता चला है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एसपी वर्मा रोड स्थित पस्ता हाउस, पायरेट्स ऑफ गर्ल और अन्य प्रतिष्ठानों का अचानक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त मसाले नष्ट किए गए, खाद्य पदार्भ जब्त किए गए और कई नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए।
पस्ता हाउस से 15 किलो सूखी चेरी, 42 किलो सूखी अनानास, 32 किलो सूखी अदरक और 7.5 किलो खजूर का पेस्ट जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 56,400 रुपये बताई गई है। खजूर के पेस्ट की ब्रांडिंग में अनियमितता और आयातित खाद्य पदार्थों पर आवश्यक विवरण दर्ज न होने की कमियां भी सामने आईं। इसके अलावा, एमडीएच तंदूरी मसाले के 66 और गरम मसाले के 51 अतिरिक्त पैकेट नष्ट किए गए, जिनकी कुल कीमत 12,027 रुपये बताई गई है। निरीक्षण में सब्जियों और मांस के पदार्थों को एक साथ रखने, फ्रीजर में उचित रोशनी की कमी, कीड़ों पर नियंत्रण के उपायों और पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध न होने जैसी कमियां भी पाई गईं।
पायरेट्स ऑफ गर्ल से 5 किलो लाल मिर्च पाउडर, 5 किलो धनिया पाउडर और 3 पैकेट सौंफ पाउडर जब्त किए गए। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इन पदार्थों की दर्ज कीमतें क्रमशः 62,500, 4,500 और 1,050 रुपये हैं। निरीक्षण में रसोई के निकासी नल में पानी जमा होने और फ्रीजर में सब्जियों और मांस के पदार्थों को एक साथ रखने की कमियां सामने आईं। रिपोर्ट में यह भी शामिल है कि बिल पर एफएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण नंबर दर्ज नहीं था। दिलचस्प बात यह है कि प्रतिष्ठान की स्वतः निरीक्षण रिपोर्ट में 116 में से 112 अंक, यानी 97 प्रतिशत दर्ज किए गए थे, फिर भी कुछ मामलों में सुधार की हिदायत दी गई।
विभाग की टीम ने बर्गर सिंह हाउस समेत अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों से भी निरीक्षण के दौरान सरसों, मेयोनेज़, पनीर, बादाम, लाल मिर्च पाउडर और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने जमा किए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजने की कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग के सचिव और कमिश्नर कुमार रवी की हिदायत पर यह कार्रवाई की गई है। संबंधित प्रतिष्ठानों को स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई है। जब्त किए गए पदार्थों के अलावा, अन्य नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता से संबंधित अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।