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लेख

भारत में लोकतंत्र खतरे में है!!!

Awaze Bihar4 मिनट पढ़ें

देश में वर्तमान में जो हालात चल रहे हैं और जिस तरह से संवैधानिक और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की अनदेखी की जा रही है, हर जगह अव्यवस्था और अराजकता का माहौल है, ऐसे माहौल में लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है और यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या वास्तव में भारत से लोकतंत्र का अंत हो गया है? और क्या भारत के लोकतांत्रिक प्रणाली को पूरी ताकत के साथ कुचल दिया गया है? पिछले हफ्ते कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विनम्रता और नम्रता ही लोगों को समझने और उनका सम्मान करने का जवाब है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश में सत्तारूढ़ लोगों द्वारा लोकतंत्र पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं और यहां की लोकतंत्र खतरे में है, तमिलनाडु के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में छात्रों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस सूचना युग में, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, डेटा और बीटा सहित सभी जानकारी उपलब्ध हैं, इस कैंपस को सुंदर वातावरण में एक सुंदर स्कूल और ऐसे वातावरण में असाधारण शिक्षा बताते हुए श्री राहुल ने छात्रों से बातचीत के दौरान, उनसे पूछा कि उनका अच्छा शिक्षक कौन है? उनमें से एक ने कहा कि वे डॉक्टर आलिया टीचर हैं, जब गांधी ने छात्र से पूछा कि वे एक अच्छी शिक्षक क्यों हैं? तो उसने कहा कि वे प्यार और محبت से पढ़ाती हैं और हमें मेहरबानी से अपने विषय समझाती हैं, जानकारी और ज्ञान के बारे में बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर आप सीखना चाहते हैं तो आपको ऐसे वातावरण की जरूरत है, प्यार और सम्मान का वातावरण, एक दूसरे को सुनने का वातावरण और मेहरबानी का वातावरण, उन्होंने कहा कि वे एक ऐसा भारत बनाना चाहते हैं जहां लोग एक दूसरे के प्रति बहुत मेहरबान हों, एक दूसरे का सम्मान करें, एक दूसरे की भाषाओं, धर्मों और परंपराओं का सम्मान करें, देश में कई धर्मों के लोग रहते हैं, भारत सभी का है और यहां की लोकतंत्र खतरे में है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने पिछले हफ्ते अपने बयान में कहा कि भाजपा फिर से फर्जी वोट बनाने में लगी है और लोकतांत्रिक प्रणाली को नापाक करने पर आमादा है, भाजपा के लोगों ने अगर वोट बनवाने में हेराफेरी की तो फर्जी वोट बनवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, अखिलेश यादव विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची पर चर्चा कर रहे थे, पार्टी के राज्य कार्यालय में विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एफआईआर का फॉर्मेट समाजवादी पार्टी के सभी बीएलए और बूथ इंचार्ज को भी भेजा जा रहा है, यादव ने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ता एकजुट होकर घर-घर जाएं और लोगों से संपर्क कर के पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में बताएं, उन्होंने राज्य की सम्मानित जनता से भाजपा की साजिशों से सावधान रहने की अपील की, उन्होंने कहा कि राज्य की जनता और मतदाता, भाजपा के साथ नहीं हैं, भाजपा जमीनी माफिया की भूमिका में है, राज्य भर में सरकारी और गरीबों की जमीनों पर भाजपा के लोग अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं, भ्रष्टाचार और लूट-खसोट बढ़ रही है, हर विभाग में भ्रष्टाचार हो रहा है, भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार की हद पार कर दी है, 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का पता नहीं चलेगा, यादव ने कहा कि मतदाता सूची के लिए की जाने वाली एसआईआर ही एनआरसी है, जो काम गृह मंत्रालय का था, उसे भाजपा सरकार, चुनाव आयोग से करा रही है, एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में कई खामियां सामने आ रही हैं, मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि चार करोड़ वोट यूपी से कट रहे हैं, भाजपा मतदाता सूची में हेराफेरी करने की कोशिश कर रही है, उन्होंने मतदाता सूची के संबंध में केंद्रीय और राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों में बड़ा अंतर बताया, चुनाव आयोग ऑफ इंडिया के अनुसार मतदाता सूची में 12 करोड़ 56 लाख मतदाता हैं जबकि राज्य चुनाव आयोग की मतदाता सूची में केवल ग्रामीण क्षेत्रों में 12 करोड़ 29 लाख मतदाता हैं, इसमें शहरी मतदाताओं की संख्या जोड़ने पर कुल मतदाता 17 करोड़ से अधिक हो जाते हैं, आखिर ऐसा कैसे हो रहा है कि मतदाता सूची बनाने वाले बीएलओ और अधिकारी व कर्मचारी जब वे ही हैं तो मतदाताओं की संख्या और उनके आंकड़े अलग-अलग क्यों हैं? क्या यह लोकतांत्रिक प्रणाली को नापाक करने की कोशिश हो रही है? पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का अनुरोध किया, उन्होंने मुख्य न्यायाधीश सूर

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