सामग्री पर जाएँ
Awaze Bihar
राष्ट्रीय

धुलिया सत्र अदालत ने दो महिलाओं समेत दस मुसलमानों को मामले से बरी किया

2 मिनट में पढ़ें

महाराष्ट्र के जमीयत उलेमा (अरशद मदनी) की कानूनी पैरवी में धुलिया की अदालत ने 10 आरोपियों को बरी किया
धुलिया, ८ दिसंबर
धुलिया की अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जे एस आर प्लाटे ने धुलिया के पास स्थित साकरी में होली के अवसर पर हुए दंगे के मामले में १० आरोपियों को बरी कर दिया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। अदालत ने आरोपियों को इसलिए बरी किया क्योंकि शिकायतकर्ता और अन्य सरकारी गवाह अपने पिछले बयानों से मुकर गए थे।
अदालत ने आरोपियों समिया जाकिर शेख, शबाना फरूक शेख, मेराज इब्राहिम सैयद, नासिर सपर्डु शेख, इरफान सपर्डु शेख, महीउद्दीन शेख, निसार नसीब खान पठान, समद सलीम शेख, जाकिर सपर्डु शेख और सलीम शेख को हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों से बरी कर दिया।
आरोपियों का मामला जमीयत उलेमा महाराष्ट्र (अरशद मदनी) की कानूनी सहायता समिति ने जमीयत उलेमा धुलिया की अपील पर लड़ा था। आरोपियों का बचाव एडवोकेट अशफाक शेख ने किया था, जबकि एडवोकेट एनबी कलाल ने शिकायतकर्ता की ओर से पैरवी की थी।
१८ मार्च २०२२ को साकरी में होली के अवसर पर सांप्रदायिक दंगे भड़के थे, जिसके बाद पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत १० मुसलमानों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा १४७, १४८, ३०७, ३५३, ३३२, ३३६, ३३७ और २९५ के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों पर आर्म्स एक्ट की धारा ४/२५ का भी आरोप लगाया था और उन पर हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया था।
शुरुआत में मामले की सुनवाई साकरी मजिस्ट्रेट अदालत में हुई, लेकिन बाद में मामला धुलिया सत्र अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया क्योंकि पुलिस ने आर्म्स एक्ट के साथ-साथ आरोपियों पर धारा ३०७ जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।
अंतिम सुनवाई के दौरान एडवोकेट अशफाक शेख ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी ने पुलिस को समर्थन नहीं दिया और अपने पिछले बयानों से मुकर गए, इसलिए आरोपियों को मामले से बरी किया जाना चाहिए।
धुलिया सत्र अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जे एस आर प्लाटे ने अपने फैसले में कहा कि महत्वपूर्ण गवाहों के बयानों से विचलन और केवल संदेह के आधार पर आरोपियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है, इसलिए सभी आरोपियों को मामले से बरी किया जाता है।
जमीयत उलेमा महाराष्ट्र के अध्यक्ष मौलाना हलीमुल्लाह कासमी के निर्देश पर मुश्ताक सूफी (जनरल सेक्रेटरी जिला धुलिया) और उनके साथियों ने मामले की पैरवी की थी।

राष्ट्रीय की और ख़बरें

सभी देखें