आरएसएस का युवाओं और महिलाओं पर ध्यान बढ़ाने का फैसला


कश्मीर घाटी में हाल ही में हुई ताज़ा बर्फबारी के बाद प्राकृतिक सौंदर्य फिर से अपने चरम पर पहुँच गया है, जिसके परिणामस्वरूप घाटी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में असाधारण वृद्धि दर्ज की जा रही है। बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़, जमी हुई झीलें, देवदार के पेड़ों पर बर्फ की परतें और ठंडा मौसम ने कश्मीर को फिर से पर्यटकों की पहली पसंद बना दिया है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, पाहलगाम और अन्य उच्च क्षेत्रों में बर्फबारी के तुरंत बाद पर्यटकों की आमद में तेजी देखी जा रही है। देश के विभिन्न राज्यों सहित दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी पहुँच रहे हैं, जिनमें परिवार, युवा समूह और हनीमून मनाने वाले जोड़े शामिल हैं। गुलमर्ग में इस समय सबसे अधिक पर्यटकों की उपस्थिति देखी जा रही है, जहाँ लोग बर्फानी खेलों, स्कीइंग, स्नो मोबाइल और गोंडोला राइड से भरपूर आनंद ले रहे हैं। ताज़ा बर्फबारी के बाद गुलमर्ग का दृश्य किसी यूरोपीय रिसॉर्ट से कम नहीं लगता। दिल्ली से आए एक पर्यटक राहुल शर्मा ने बताया, हम पहली बार कश्मीर आए हैं, और ताज़ा बर्फबारी ने हमारी यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया है। गुलमर्ग की सुंदरता शब्दों में बयां नहीं की जा सकती, हर तरफ बस सफेद चादर और शांति है। मुंबई से आई एक महिला पर्यटक अंकिता देसाई ने कहा, हमने हमेशा कश्मीर को तस्वीरों में देखा था, लेकिन यहाँ आकर पता चला कि वास्तव में यह जन्नत से कम नहीं है। ताज़ा बर्फबारी ने हर दृश्य को और भी सुंदर बना दिया है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिला है। होटल मालिक, हाउसबोट ऑपरेटर, टैक्सी ड्राइवर, घोड़ा मालिक, स्की इंस्ट्रक्टर और कारीगर वर्ग इस पर्यटन गतिविधि से खुश नजर आ रहे हैं। गुलमर्ग के एक होटल मालिक ने बताया, पिछले कुछ हफ्तों में बुकिंग कम थी, लेकिन ताज़ा बर्फबारी के बाद अचानक होटल भर गए हैं। बाहरी पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं, जिससे हमारे रोजगार को नई उम्मीद मिली है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। कई युवा टूर गाइड, फोटोग्राफर और स्नो स्पोर्ट्स इंस्ट्रक्टर के रूप में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सोनमर्ग के एक स्थानीय युवा आदिल अहमद ने कहा, जब बर्फबारी होती है तो पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे हमें काम मिलता है। हम चाहते हैं कि अमन रहे ताकि पर्यटन निरंतर बढ़े। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने भी व्यवस्थाएँ कड़ी कर दी हैं। सड़कों की समय पर सफाई, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा सुविधाएँ और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, हम प्रयास कर रहे हैं कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान की जाएँ। ताज़ा बर्फबारी के बाद कश्मीर फिर से पर्यटकों का केंद्र बन गया है, जो हमारे लिए खुशी की बात है। प्रशासन की ओर से पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम और यातायात सलाहकार पर अमल करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन से सहयोग करें, विशेष रूप से उच्च क्षेत्रों में जहाँ बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मौसम इसी तरह अनुकूल रहता है तो आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे कश्मीर घाटी में सर्दियों के पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।







