आरएसएस का युवाओं और महिलाओं पर ध्यान बढ़ाने का फैसला


नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने इंडिगो के मामले की वजहों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए कदम सुझाने के लिए उच्च स्तरीय जांच कराने का फैसला किया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि नागरिक उड्डयन के महानिदेशक (डीजीसीए) ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) से संबंधित अपना आदेश तत्काल वापस ले लिया है। यह फैसला पूरी तरह से यात्रियों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, मरीजों और अन्य लोगों के हित में किया गया है जो जरूरी आवश्यकताओं के लिए यात्रा करते हैं।
स्पष्ट है कि डीजीसीए ने शुक्रवार को एफडीटीएल से संबंधित आदेश को आंशिक रूप से वापस ले लिया था। नियामक ने उस हिस्से को वापस ले लिया जिसमें पायलट को सप्ताहिक छुट्टी के साथ अनिवार्य 48 घंटे के सप्ताहिक अवकाश को मिलाने से मना किया गया था।
मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने का फैसला किया है। जांच में इंडिगो की उड़ानों में देरी और रद्दीकरण के कारणों का पता लगाया जाएगा। जहां भी उचित कार्रवाई की आवश्यकता होगी, जिम्मेदारी तय की जाएगी, और भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए कदम सुझाए जाएंगे।
मंत्रालय ने कहा कि एयरलाइंस को कई ऑपरेशनल दिशानिर्देश जारी किए गए हैं ताकि जल्द से जल्द सेवाओं की बहाली सुनिश्चित की जा सके। मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि इन दिशानिर्देशों पर तत्काल कार्रवाई करने से सप्ताह के अंत तक उड़ानों के शेड्यूल को सामान्य करने में मदद मिलेगी और अगले तीन दिनों में सामान्य सेवा की उम्मीद है।
मंत्रालय ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से सही अपडेट प्रदान करें ताकि यात्री हवाई अड्डे के लिए रवाना होने के बजाय घर से उड़ान की स्थिति की निगरानी कर सकें।
एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्री की अनुरोध का इंतजार किए बिना पूर्ण रिफंड प्रदान करें।
रिलीज में कहा गया है कि एयरलाइंस को हवाई अड्डे पर फंसे हुए यात्रियों के लिए होटल में आवास का सीधा प्रबंध करना होगा। वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग व्यक्तियों को लाउंज तक पहुंच प्रदान की जाएगी।
मंत्रालय ने वास्तविक समय में स्थिति की निगरानी के लिए 24x7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।
स्पष्ट है कि शुक्रवार को भी इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गईं। दिल्ली में 225 से अधिक और मुंबई में 250 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। अन्य शहरों से भी रद्दीकरण की सूचना मिली है। इससे पहले गुरुवार को लगभग 400 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। एयरलाइन ने कहा है कि वह एफडीटीएल के नए नियमों के अनुसार कर्मचारियों की आवश्यकता का अनुमान लगाने में विफल रही है। इसके अलावा, तकनीकी और एटीसी से संबंधित कारणों के आधार पर इसकी उड़ानें रद्द कर दी गईं।







