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राष्ट्रीय

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता किसानों के हित में है: गोयल

Awaze Bihar3 मिनट पढ़ें

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (6 फरवरी) को भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापारिक समझौते के संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस समझौते के आलोचकों पर हमला करते हुए कहा कि 'मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि अमेरिका और भारत के बीच हुए समझौते से किसी भी तरह से किसानों के हितों और कई उद्योगों को नुकसान नहीं पहुंच सकता है। बल्कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अमेरिकी बाजार में फायदा होगा और साथ ही साथ अमेरिकी बाजार में उनकी पहुंच पहले से बेहतर हो जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस से संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने आगे कहा कि 'सरकार किसी भी देश के साथ व्यापारिक समझौते की बातचीत में देश के किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखती है और अमेरिका के साथ हुए समझौते में ऐसी कोई छूट नहीं दी गई है, जिससे भारतीय किसानों के हित प्रभावित हों। इस समझौते के तहत, अमेरिका को किए जाने वाले भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को अब कम कर केवल 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा। 18 प्रतिशत हमारे सभी पड़ोसी देशों और अन्य देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ से कम है, आने वाले दिनों में हमें और हमारे निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा।

श्री गोयल ने आगे कहा कि 'कई ऐसी वस्तुएं हैं, जिन पर अब जब हमारे निर्यातक अमेरिका में अपना सामान भेजेंगे तो शून्य ड्यूटी लगेगी। जिसके बाद 30 अरब डॉलर का अमेरिकी बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए खुल जाएगा। विशेष बात यह है कि इसमें किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है। उनका कहना था कि उदाहरण के तौर पर कीमती जेवरात और हीरों पर शून्य ड्यूटी होगी। फार्मास्यूटिकल उत्पादों का भारत से बड़े पैमाने पर निर्यात होता है, लगभग 13 अरब डॉलर का। इस पर शून्य ड्यूटी लगेगी। स्मार्टफोन भारत से बड़े पैमाने पर अमेरिका जाते हैं, इस पर भी शून्य ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा कई ऐसी वस्तुएं हैं जिन पर भविष्य में शून्य ड्यूटी लगेगी।

'इस तरह, भविष्य में कई ऐसी वस्तुएं हैं, जिन पर ड्यूटी शून्य होगी। कृषि क्षेत्र में भी कई ऐसी वस्तुएं हैं जो भारत से अमेरिका निर्यात की जाएंगी, जिन पर शून्य टैरिफ लगेगा, यानी अतिरिक्त ड्यूटी शून्य होगी। उदाहरण के तौर पर मसाले, चाय, कॉफी और उनसे बने उत्पाद, नारियल और नारियल का तेल, वेजिटेबल वैक्स, सुपारी, ब्राजील नट, काजू और चेस्टनट, कई फल और सब्जियां आदि भी इसमें शामिल हैं। श्री गोयल का कहना था कि दूसरी ओर अमेरिका में प्रतिकारात्मक आयात शुल्क घटकर 18 प्रतिशत होने से भारतीय आयातकों को खिलौनों, खेल से संबंधित वस्तुओं और कपड़ों के निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। अमेरिका में 18 प्रतिशत आयात शुल्क भारत के सभी पड़ोसी और प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले कम है। उन्होंने विपक्ष पर इशारों में आलोचना करते हुए कहा कि 'कुछ लोग भारत के किसानों के विरोधी हैं और किसानों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। ऐसे ही लोगों को इस समझौते पर आश्चर्य हो रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच यह समझौता कैसे हो गया, जिसमें भारतीय आयातकों को अमेरिका में अपनी वस्तुओं के लिए आसानी से व्यापक पहुंच मिलेगी।

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