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खेल

भारत को पहले वनडे में न्यूजीलैंड से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा

Awaze Bihar3 मिनट पढ़ें

भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू माहौल में खेलना विशेष रूप से वनडे प्रारूप में एक जाना-पहचाना एहसास है। रविवार को कोटम्बी स्टेडियम में दोपहर 1:30 बजे शुरू होने वाला पहला वनडे भारत को एक बार फिर से यह साबित करने का मौका देगा कि वह अपनी सरजमीं पर इतनी मजबूत ताकत क्यों है।
न्यूजीलैंड को भारत का पिछला वनडे दौरा ज्यादा यादगार नहीं होगा। 3-0 की व्हाइटवाश खुद ही सब कुछ बयां कर देती है और यही रुझान जारी रहता है जिसमें भारत ने दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले पांच वनडे मैचों में से हर एक जीता है। आंकड़े झूठ नहीं बोलते और क्रिकेट में अक्सर यह पहली गेंद फेंके जाने से पहले ही कहानी सुना देते हैं। भारत इस श्रृंखला में शानदार होम रिकॉर्ड के साथ प्रवेश कर रहा है। हाल की चार घरेलू वनडे श्रृंखला जीत चमक-दमक के बजाय निरंतरता की प्रतीक हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत ने ताकत और परिपक्वता दोनों दिखाई दो बार 300 से अधिक स्कोर किया और फिर आखिरी मैच में नौ विकेटें शेष रहते हुए आराम से 271 रनों का लक्ष्य हासिल किया। इस तरह का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि बल्लेबाजी इकाई को पता है कि कब हमला करना है और इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण कब पीछे हटना है। विराट कोहली एक बार फिर से मजबूती से डटे रहे। इस श्रृंखला में उनके 302 रन जिनमें दो शतक और एक नाबाद अर्धशतक शामिल थे, इस बात की याद दिलाते हैं कि क्लास जब भूख के साथ मिल जाए तो कितनी खतरनाक हो सकती है। कोहली उस चरण में दिखाई देते हैं जहां दिमाग के फैसले से पहले ही ब्लांक में आ जाता है।
भारत को वनडे उप-कप्तान श्रेयस अय्यर की वापसी से भी मजबूती मिली है जो चोट से उबरकर वापस आए हैं। उनकी उपस्थिति मध्य क्रम को मजबूत बनाती है जो शुरुआती विकेटें गिरने की स्थिति में बहुत मूल्यवान साबित होती है। मोहम्मद सिराज की वापसी से पेस हमला मजबूत हुआ है जबकि शुभमन गिल के समावेश से शीर्ष और मध्य क्रम में नफासत और आत्मविश्वास दोनों प्राप्त हुए हैं।
हालांकि, न्यूजीलैंड महज संख्या पूरी करने नहीं आया। 2025 में भारत से आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में हार के बाद से उन्होंने शांति से गति प्राप्त की है और अपने पिछले नौ वनडे मैचों में अजेय रहे हैं। पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार तीन 3-0 श्रृंखला जीत ने उन्हें इस दौरे से पहले आत्मविश्वास दिया है चाहे वे पूरी तरह से आश्वस्त न हों। डेवोन कॉनवे का फॉर्म मेहमान टीम का उत्साह बढ़ाएगा। वह वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्लेबाजी चार्ट में शीर्ष पर रहे जबकि काइल जैमीसन के इस श्रृंखला में सात विकेट ने यह दिखाया कि जब परिस्थितियां अधिक मददगार न हों तब भी वे उछाल और गति पैदा करने की क्षमता रखते हैं। कई नए चेहरों का समावेश यह दर्शाता है कि न्यूजीलैंड भविष्य की सोचता है और सिर्फ परिचित नामों पर निर्भर रहने के बजाय गहराई बना रहा है।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन कुछ इस प्रकार है:
भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह।
न्यूजीलैंड: माइकल ब्रेसवेल (कप्तान), डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोलस, विल यंग, डेरिल मिचेल, निक केली, मिच हेल (विकेटकीपर), ग्लेन फिलिप्स, काइल जैमीसन, जैक फाउल्क्स, माइकल रे, जेडन लेनکس, क्रिस्टियन क्लार्क, आदित्य अशोक, जोश क्लार्कसन।

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