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खामेनेई के खिलाफ पूरे ईरान में बढ़ रहे हैं प्रदर्शन, महंगाई से असंतुष्ट

Awaze Bihar3 मिनट पढ़ें

तेहरान, 03 जनवरी (एजेंसी)। आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और बढ़ती महंगाई के कारण फैली जन असंतुष्टता के कारण ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सिलसिला जोर पकड़ता जा रहा है। विशेष रूप से देश को सामने करने वाले बढ़ते आर्थिक संकट ने मौजूदा स्थिति को और खराब कर दिया है। 28 दिसंबर से शुरू हुए ये प्रदर्शन शुक्रवार को राजधानी तेहरान सहित देश के विभिन्न हिस्सों में जोर पकड़ रहे हैं।

मीडिया समूह ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, ईरानी राजधानी में दो दिन की शांति के बाद शुक्रवार की रात तेहरान के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इसी तरह के प्रदर्शन पवित्र शहरों माशहद और कुम में भी हुए। देश के अशांत दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में स्थित ज़ाहेदान में, प्रदर्शनकारी शुक्रवार की नमाज के बाद सड़कों पर उतर आए और देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए।

यह ध्यान देने योग्य है कि यह शहर 2022 में बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों का एक महत्वपूर्ण केंद्र था, जहां एक बार फिर से प्रदर्शनों में वृद्धि देखी जा रही है। माशहद, ज़ाहेदान, कजविन, हमदान और तेहरान सहित कई शहरों में व्यापक प्रदर्शन जारी हैं, जहां सुरक्षा बलों ने हिंसा का सहारा लिया है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हुई है।

प्रदर्शनकारी कट्टरपंथी धर्मगुरुओं के शासन के अंत की मांग करते हुए सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह अली खामेनेई को निशाना बना रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा हिस्सा रजा पहलवी को सत्ता हस्तांतरित करने की मांग कर रहा है।

अब तक यह विरोध प्रदर्शन देश के 22 प्रांतों के 46 शहरों तक फैल चुका है। इस आंदोलन में तेहरान, यज्द, जंजान सहित लगभग 10 विश्वविद्यालयों के छात्र शामिल हैं। इसमें बड़ी संख्या में व्यापारी भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी दुकानें और संस्थान बंद कर इस आंदोलन का समर्थन किया है।

ईरान इंटरनेशनल ने मानवाधिकार समूहों का हवाला देते हुए बताया है कि अब तक कम से कम सात प्रदर्शनकारी मारे गए और 30 से अधिक घायल हो चुके हैं। 28 दिसंबर से शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद से अब तक 119 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

व्यापक प्रदर्शनों के बीच ईरान की मुद्रा की कीमत में रिकॉर्ड गिरावट आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में महंगाई 42.2 प्रतिशत तक पहुंच गई। खाद्य पदार्थों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि स्वास्थ्य और दवा की कीमतें 50 प्रतिशत बढ़ गई हैं, जिससे जनता में बढ़ती बेचैनी को हवा मिली है।

ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और उन्हें हिंसा से मारा तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि हम कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

ईरान ने ट्रम्प की ओर से अमेरिकी हमले की स्थिति में अपने ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी का जवाब दिया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष ने शुक्रवार को कहा कि अगर अमेरिका ने आक्रामक कार्रवाई की तो उसके सैन्य ठिकाने वैध लक्ष्य माने जाएंगे।

अमेरिका ने पिछले जून में ईरानी सैन्य ठिकानों और परमाणु सुविधाओं पर हमला किया था। ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिनों के युद्ध में अमेरिका भी शामिल हो गया था। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था।

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