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राष्ट्रीय

सड़क जाम करने के मामले में सांसद اقरा हसन को आरोपी बनाया गया

Awaze Bihar2 मिनट पढ़ें

कीराना से समाजवादी पार्टी (एसपी) की सांसद इक़रा हसन को भी 19 मई को डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह के कार्यालय के बाहर सड़क जाम करने के मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
पिछले 19 मई को इक़रा हसन जसाला, शामली के मोनू हत्याकांड में उनकी मां और अन्य परिजनों के साथ न्याय की मांग करने गई थीं। आरोप है कि डीआईजी ने उनके मामले पर विचार नहीं किया और उन्हें अपने चैंबर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद सांसद इक़रा हसन पूर्व राज्य मंत्री मांगे राम कश्यप, उनके साथ तेजपाल सिंह कश्यप, अजय कश्यप, अनुज कश्यप, शीशपाल कश्यप और सत्यपाल कश्यप आदि के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा कर रही थीं, तभी महिला थाना पुलिस इक़रा हसन को महिला थाना ले गई और मांगे राम कश्यप आदि को सदर बाजार पुलिस ने शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर सिटी मजिस्ट्रेट कलदीप सिंह के न्यायालय में पेश किया, जिन्होंने उन्हें जमानत देने के बजाय जेल भेज दिया।
अपने साथियों को जेल भेजे जाने की खबर मिलने पर इक़रा हसन और उनके समर्थकों ने मांगे राम कश्यप और उनके साथियों की रिहाई के मांग को लेकर रात नौ बजे तक सदर बाजार थाने में धरना दिया। एसपी सिटी व्योम बंदल और सिटी मजिस्ट्रेट कलदीप सिंह के इस भरोसे पर कि जेल भेजे गए कश्यप समाज के सभी छह लोगों को 20 मई की सुबह छोड़ दिया जाएगा, धरना समाप्त हो गया।
धरने के दौरान सांसद इक़रा हसन लगातार और मजबूती से पुलिस अधिकारियों से कह रही थीं कि उन्हें भी जेल भेजा जाए, लेकिन सहारनपुर की पुलिस प्रशासन मौन रही। धरने की खबरें सोशल मीडिया पर लगातार फैलने से सपा विधायक आशु मलिक, पूर्व विधायक वीरेंद्र ठाकुर, पूर्व विधायक माविया अली, पूर्व विधायक मनोज चौधरी आदि बड़ी संख्या में सदर थाने पर डट गए और मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक आदि भी कार्यकर्ताओं के साथ सहारनपुर के लिए रवाना हो गए।
पुलिस प्रशासन ने इक़रा हसन को वहां से आराम से जाने दिया। अब सवाल उठ रहे हैं कि जब उन्हें भी एफआईआर में उसी अपराध के लिए नामजद किया गया था जिसमें मांगे राम कश्यप आदि को जेल भेजा गया, तो इक़रा हसन को गिरफ्तार कर जेल भेजने में अधिकारियों के सामने क्या मुश्किल थी। इक़रा हसन तो उसी थाने में डटी रहीं।
धरना समाप्त करने के बाद वह मोनू कश्यप की मां और अपने बड़े भाई व विधायक नाहिद हसन के साथ लखनऊ रवाना हो गईं, जहां अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने पीड़ितों की बात सुनी और दो लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया।
इस मामले में आज एसपी सिटी व्योम बंदल ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम से एसपी को राजनीतिक लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। पूरे मामले पर भाजपा नेता भी मौन हैं। पूरा मामला पिछड़े वर्ग के कश्यप समाज से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम का प्रभाव निश्चित रूप से विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा।

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