
विमान दुर्घटनाओं में बुझ चुके हैं भारतीय राजनीति के कई चिराग, लोकसभा स्पीकर समेत 3 मुख्यमंत्री भी शामिल
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार के दिन सुबह एक दर्दनाक विमान दुर्घटना में मौत हो गई। पिछले 7 महीनों के भीतर यह दूसरी घटना है जिसमें भारत के किसी वरिष्ठ नेता की विमान दुर्घटना में मौत हुई है। पिछले वर्ष (जून 2025) में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस प्रकार भारत के इतिहास में अब तक 7 प्रमुख राजनेता विमान या हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से 3 (बलवंत राय मेहता, डोरजी खांडू और वाई राज शेखर रेड्डी) मुख्यमंत्री के पद पर आसीन थे।
बलवंत राय मेहता 1963 से 1965 तक गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 1965 के युद्ध के दौरान मेहता कच्छ के मैदान में निरीक्षण के लिए उड़ान भर रहे थे। उसी समय पाकिस्तान ने उनके विमान को निशाना बनाया था। इस दुर्घटना में मेहता, उनकी पत्नी, 3 कर्मचारी, एक पत्रकार और कर्मचारियों के 2 सदस्यों की मौत हो गई थी। मेहता पहले वरिष्ठ नेता थे जिनकी मौत विमान दुर्घटना में हुई थी।
संजय गांधी 23 जून 1980 को कांग्रेस के तत्कालीन सांसद संजय गांधी दिल्ली में विमान उड़ाने निकले थे। संजय को उड़ान का शौक था। उन्होंने सुबह 10 बजे टेक ऑफ किया, तभी करतब दिखाते समय उनका विमान गिरकर तबाह हो गया। उनके साथ-साथ इस दुर्घटना में उनके साथी सुभाष शेखर की भी मौत हो गई।
माधवराव सिंधिया कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता माधवराव सिंधिया का भी विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। 30 सितंबर 2001 को सिंधिया कानपुर की एक रैली में भाग लेने जा रहे थे। उसी समय मैनपुरी के मोतागांव के पास उनका विमान दुर्घटना का शिकार हो गया। जिसमें सिंधिया की मौत हो गई। दुर्घटना के समय उनकी उम्र 56 वर्ष थी।
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