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खेल

राष्ट्रपति ने क्रिकेटर विभु सूर्य वंशी सहित 20 प्रतिभाशाली बच्चों को बाल पुरस्कार प्रदान किया

Awaze Bihar3 मिनट पढ़ें

नई दिल्ली: शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने क्रिकेटर विभु सूर्य वंशी सहित देश के 20 प्रतिभाशाली बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने साहसिक कार्य, खेल, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान और नवाचार, सामाजिक सेवा, कला और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान देकर देश का नाम रोशन किया है।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार विजेता बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि उनके कार्य से न केवल उनके परिवार बल्कि समाज और पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह देखकर बहुत खुशी हुई कि आज का भारत अपने बच्चों की प्रतिभा, साहस और संवेदनशीलता के बल पर निरंतर प्रगति कर रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि 2022 से 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। यह इतिहास के एक बहुत ही प्रभावशाली अध्याय से जुड़ा हुआ है। सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके चार साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 320 वर्ष पूर्व उन्होंने सच्चाई और न्याय की रक्षा में अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति ने विशेष रूप से नौ वर्षीय बाबा जोरावर सिंह और सात वर्षीय बाबा फतेह सिंह की वीरता का उल्लेख किया, जिन्हें जीवित चुनवा दिया गया था। उन्होंने कहा कि इन महान वीर बच्चों की शहादत को आज भी भारत और विदेशों में सम्मान और आदर के साथ याद किया जाता है। वीर बाल दिवस न केवल वीरता की याद दिलाता है, बल्कि यह देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का उत्सव भी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जिस देश के बच्चे उच्च आदर्शों और देशभक्ति की भावना से भरे हुए हों, वहां मानवता और उसका भविष्य दोनों सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह की जयंती का शुभ अवसर है और इस अवसर पर उन्होंने अपने देशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार बच्चों को प्रेरित करता है ताकि देश के अन्य बच्चे भी उनसे प्रभावित होकर आगे बढ़ें। उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि इस वर्ष पुरस्कार पाने वाले सभी 20 बच्चों ने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया है और अपने-अपने क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वालों में सबसे कम उम्र की वाका लक्ष्मी प्रज्ञानिका की आयु केवल सात वर्ष है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों के कारण ही भारत आज विश्व स्तर पर एक उभरती हुई शक्ति के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अजय राज और मोहम्मद सैदान पी जैसे बच्चों की प्रशंसा की, जिन्होंने अपनी बहादुरी और बुद्धिमत्ता से दूसरों की जान बचाई।

भावनात्मक तरीके से राष्ट्रपति ने उन बच्चों को भी याद किया जिन्होंने दूसरों को बचाते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी। नौ वर्षीय वियोमा प्रिया और 11 वर्षीय कमलेश कुमार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज उनके माता-पिता को पुरस्कार मिला। राष्ट्रपति ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इस समारोह में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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