
अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौता किसानों के लिए हानिकारक: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि किसानों के हितों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार ने आज किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया है और अमेरिका के साथ 500 अरब डॉलर के एकतरफा व्यापार का रास्ता खोल दिया है। सोमवार को बजट 2026-27 पर一般 चर्चा में भाग लेते हुए श्री यादव ने कहा कि बजट से पहले और बाद में पूरे देश में यह चर्चा चल रही थी कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौता होने वाला है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए कि अब कितने देश बाकी बचे हैं जिनके साथ 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' नहीं हुआ? उन्होंने रुपये की कीमत में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ 'डील' नहीं बल्कि 'ढील' हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के 'स्वदेशी' और 'आत्मनिर्भर' जैसे शब्द सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन अमेरिका के साथ समझौते के बाद उनके अर्थ बदल गए हैं। अगर 500 अरब के एकतरफा व्यापार का रास्ता खोल दिया गया तो हमारी आत्मनिर्भरता कहां जाएगी? उन्होंने बजट को 'बेसमज' बताते हुए कहा कि बीजेपी के पास खोखली बातों के अलावा कुछ नहीं है। समाजवादी पार्टी के नेता ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उसने गरीबों और महिलाओं की बात करना बंद कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग मुफ्त अनाज ले रहे हैं, उनकी प्रति व्यक्ति आय क्या है? उत्तर प्रदेश के संदर्भ में उन्होंने कहा कि 'डबल इंजन' की सरकार में कोई ऐसी विशेष योजना नहीं आई जो लोगों को मुख्यधारा से जोड़ सके।
किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार आय दोगुनी करने का वादा करती थी लेकिन आज किसान एमएसपी की गारंटी के लिए तरस रहा है। उन्होंने महंगाई पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो किसान लोहे पर पीतल चढ़ाकर भी अपनी बेटी को विदा नहीं कर पाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के बजाय कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाना चाहती है।
श्री अखिलेश यादव ने वाराणसी का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मनिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा बुलडोजर से गिरा दी गई और सैकड़ों मंदिरों को तोड़ दिया गया। उन्होंने गंगा और यमुना की सफाई के दावों को भी वास्तविकता से दूर बताया। इसके अलावा, उन्होंने विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में आरक्षण के साथ खिलवाड़ और बढ़ती बेरोजगारी पर भी सरकार को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि जब तक पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को उनका हक नहीं मिलेगा, 'विकसित भारत' का सपना अधूरा रहेगा।
उन्होंने कहा कि इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से कितने ही लोगों की जानें चली गई हैं। देश का कोई ऐसा शहर नहीं है जहां कूड़े के ढेर मौजूद न हों। श्री यादव ने आगे कहा कि चीन हमारी जमीन और बाजार पर नजरें जमाए हुए है, इसलिए सरकार को अत्यंत गंभीरता से फैसले करने चाहिए। सरकार बेरोजगारी दूर करने की बातें तो करती रही लेकिन बेरोजगारी की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। सरकार ने 'मनरेगा' की जगह 'वीबीजेराम जी' योजना (स्कीम) शुरू कर दी है, लेकिन इससे उत्तर प्रदेश जैसे राज्य को क्या फायदा पहुंचेगा? यह योजना कैसे चलेगी जब इसका 40 प्रतिशत धन राज्यों पर डाल दिया गया है?
उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते के बाद हमारा रुपया किस स्थान पर होगा, सरकार को यह बात जरूर स्पष्ट करनी चाहिए। बीजेपी की सरकार उद्योगपतियों के साथ खड़ी है, जो श्रम कानून लेकर आई है, वे मजदूरों के हित में नहीं हैं।
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