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बिहार

इलाज के लिए कैशलेस सुविधा जल्द

Awaze Bihar2 मिनट पढ़ें

पटना, 06 फरवरी (एबीएन) बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शुक्रवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सदन के सदस्यों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने के मांग पर अंतिम निर्णय लेने के लिए एक सप्ताह के भीतर बैठक आयोजित की जाए।
भारतीय जनता पार्टी के विधायक रघुविंदर प्रताप सिंह के एक अल्प सूचना प्रश्न पर सदन में जवाब के दौरान हस्तक्षेप करते हुए अध्यक्ष श्री कुमार ने कहा कि इस मांग पर सदन के सदस्यों से सुझाव प्राप्त करने के लिए एक सप्ताह के भीतर बैठक बुलाई जाए। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि इस निर्णय के लिए यह अंतिम बैठक होगी। इससे पहले उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार कैशलेस चिकित्सा सुविधा से बेहतर सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदान की जा रही चिकित्सा सुविधा में पहले खर्च का प्रबंधन करने के अलावा कोई अन्य कठिनाई नहीं है।
श्री मोदी ने बाद में सदस्यों के आग्रह पर कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर अंतिम निर्णय लेने से पहले सुझाव प्राप्त करने के लिए बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद भी जब सदस्यों की ओर से कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मांग जारी रही तो श्री मोदी ने कहा कि सरकार इसके लिए सहमति से इच्छुक है, लेकिन इसके लिए बैठक आयोजित की जाएगी।
भाजपा के विधायक रघुविंदर प्रताप सिंह ने इससे पहले सदन में अल्प सूचना प्रश्न के माध्यम से कहा कि विधायकों को कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है और इलाज के बाद खर्च की वापसी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
भाजपा के विधायक जीवेश मिश्रा ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए सरकार से कैशलेस प्रणाली के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर कर इसे जल्द लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बैठक का इंतजार करने की जरूरत नहीं है और निर्णय तत्काल लिया जाना चाहिए।
श्री मोदी ने मामले की गंभीरता और सदन के सदस्यों के मिजाज को देखते हुए आश्वस्त किया कि सरकार कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पर अध्यक्ष प्रेम कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए सरकार को एक सप्ताह के भीतर बैठक आयोजित कर इस मामले पर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया।
श्री सिंह ने इससे पहले अल्प सूचना प्रश्न के माध्यम से विधायकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग उठाते हुए कहा था कि केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को असीमित डोर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में सेवाएं देने वाले और सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों, पूर्व सदस्यों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत कवर किया गया है और उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है।

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