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उत्तराखंड में सरकारी ज़मीनों का बंदरबंट, कार्रवाई न होने पर कानूनी रास्ता अपनाएंगे: कांग्रेस

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कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि धामी सरकार लोगों की ज़मीनों पर कब्ज़ा कर रही है और उन्हें धोखा दे रही है। मुख्यमंत्री पर अपनी प्रचार-प्रसार के लिए 11 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में विकास कार्य हुए होते तो इतनी राशि प्रचार पर खर्च करने की ज़रूरत नहीं पड़ती और राज्य की मौजूदा स्थिति भी ऐसी नहीं होती।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उत्तराखंड में सरकारी ज़मीनों को सस्ते दामों पर निजी हाथों में सौंपकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। पार्टी ने कहा है कि इस मामले में गवर्नर को एक मेमोरेंडम देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी और अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड की प्रभारी कमलेश शेलजा ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से संबोधन करते हुए कहा कि पूरे उत्तराखंड में लगभग 40 स्थानों पर सरकारी ज़मीनें, वारिसों की संपत्तियां और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ी ज़मीनें बाज़ार की कीमत से बहुत कम दरों पर निजी व्यक्तियों को सौंप दी गई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ज़मीनों से जुड़े सभी अधिकारों को अपने हाथों में केंद्रित कर लिया है और सिफारिश समिति में भी वे एकमात्र सदस्य हैं।

उन्होंने कहा कि रीशिकेश में आईडीपीएल की 633 एकड़ ज़मीन, मसूरी की 142 एकड़ ज़मीन और धनौली, नैनीताल और रामगढ़ में वन भूमि से जुड़े मामले भी गंभीर हैं। इसी तरह दाक पत्थर में 190 एकड़ और रानी बाग में 53 एकड़ ज़मीन के मामले भी शामिल हैं। इन ज़मीनों को किस आधार पर और किसे सौंपा जा रहा है, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक बार ज़मीन निजी हाथों में चली गई तो उसे वापस लेना मुश्किल हो जाएगा।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि धामी सरकार लोगों की ज़मीनों पर कब्ज़ा कर रही है और उन्हें धोखा दे रही है। मुख्यमंत्री पर अपनी प्रचार-प्रसार के लिए 11 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में विकास कार्य हुए होते तो इतनी राशि प्रचार पर खर्च करने की ज़रूरत नहीं पड़ती और राज्य की मौजूदा स्थिति भी ऐसी नहीं होती।

उन्होंने कहा कि आज राज्य के विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस के नेता और आम लोग ज़मीनों के कथित बंदरबंट और भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस ने इन मामलों में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत तथ्य और दस्तावेज़ जमा किए हैं और वही सबूतों के आधार पर गवर्नर को मेमोरेंडम पेश किया जाएगा। अगर इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कानूनी विकल्प अपनाएगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर इन सभी मामलों का पर्दाफाश किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दो हस्ताक्षरों से विभिन्न विभागों की 1,080 एकड़ ज़मीन उत्तराखंड निवेश और बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि हैरत की बात यह है कि ज़मीन किससे लेनी है और किसे देनी है, इन दोनों मामलों का फैसला खुद मिस्टर धामी ही करेंगे।

उन्होंने कहा कि अब निजी हाथों को ज़मीन देने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं, जिनमें पटवा डांगर की 14 एकड़ ज़मीन और अल्कनंदा होटल भी शामिल हैं। उनका कहना था कि राज्य सरकार लैंड बैंक के जरिए जनता के लिए काम नहीं करना चाहती, बल्कि ज़मीनों को बाज़ार की कीमत के बजाय सस्ते दामों पर निजी व्यक्तियों को सौंप रही है।

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