औद्योगिक निवेश को नई गति देने के लिए सरकार तैयार


सम्राट चौधरी सरकार में संभावित बदलाव की चर्चा, विजय चौधरी और बृजेंद्र प्रसाद यादव की जगह निशांत को मिल सकती है बड़ी ज़िम्मेदारी, फिलहाल कोई सरकारी फैसला नहीं। नितेश कुमार ने इस साल मार्च में राज्य राजनीति से केंद्रीय राजनीति की ओर रुख करने का फैसला किया था।
पटना: (ए बी एन) बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की अटकलें शुरू हो गई हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नितेश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सम्राट चौधरी सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा जोर पकड़ने लगी है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि अगर मंत्रिमंडल में बदलाव होता है, तो निशांत कुमार राज्य के एकमात्र उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। फिलहाल सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में जेडीयू के क्वॉटा से विजय कुमार चौधरी और बृजेंद्र प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री हैं, जबकि निशांत कुमार स्वास्थ्य मंत्री की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि निशांत कुमार को सम्राट सरकार में मंत्री बनने के 7 नवंबर को छह महीने पूरे हो जाएंगे। उन्होंने 7 मई 2026 को मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान मंत्री पद की शपथ ली थी और उन्हें स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले उनके उपमुख्यमंत्री बनने की भी चर्चा थी, लेकिन बताया जाता है कि उन्होंने सरकार के कामकाज और प्रशासनिक मामलों को समझने के लिए कुछ समय मांगा था। बाद में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के आग्रह पर वे सरकार में शामिल हुए। राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नज़र डालें तो लगभग दो दशकों तक बिहार की राजनीति का केंद्र रहे नितेश कुमार ने इस साल मार्च में राज्य राजनीति से केंद्रीय राजनीति की ओर रुख करने का फैसला किया था। राज्यसभा के सदस्य चुने जाने के बाद उन्होंने अप्रैल में मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया। इसके बाद 15 अप्रैल 2026 को पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य में नई सरकार का गठन हुआ। जेडीयू सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि नितेश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के समय बृजेंद्र प्रसाद यादव नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने के इच्छुक नहीं थे। हालांकि नितेश कुमार ने उन्हें कुछ समय के लिए विजय कुमार चौधरी के साथ सरकार में पार्टी की संयुक्त अगुवाई संभालने के लिए राजी किया था। इसी दौरान निशांत कुमार के उपमुख्यमंत्री बनने के संभावनाएं भी चर्चा में आई थीं, लेकिन उन्होंने तुरंत यह ज़िम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय पहले सरकार के कामकाज को समझने को प्राथमिकता दी। अब छह महीने पूरे होने के मौके पर एक बार फिर संभावित राजनीतिक बदलाव की चर्चा तेज़ हो गई है। जेडीयू से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अगर सरकार में इस प्रकार का बदलाव होता है, तो निशांत कुमार को एकमात्र उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में मौजूदा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बृजेंद्र प्रसाद यादव इस पद से हटकर मंत्री की हैसियत से अपनी ज़िम्मेदारियां जारी रख सकते हैं या उन्हें नए विभाग सौंपे जा सकते हैं। हालांकि इस पूरे प्रस्ताव के संबंध में न तो जेडीयू और न ही सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। इसलिए फिलहाल निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की खबरें राजनीतिक अटकलों और पार्टी सूत्रों की जानकारी तक सीमित हैं। आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा कि सम्राट चौधरी सरकार में वाकई कोई बड़ा बदलाव होता है या मौजूदा व्यवस्था बनी रहती है।
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