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पंचायतों में अब 20 किलोवाट के सौर पैनल लगेंगे

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ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अधिकतम लाभ मिलेगा और बिजली के खर्चों में भी बचत होगी

पटना, 6 नवंबर: (ए बी एन ) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की पंचायतों में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए जल मीनारों पर प्रस्तावित 5 किलोवाट के बजाय 20 किलोवाट क्षमता वाले सौर पैनल स्थापित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अधिकतम लाभ मिलेगा और बिजली के खर्चों में भी बचत होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवा आवास स्थित 'संकल्प' ऑडिटोरियम में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। बैठक में विभाग के सचिव मनोज कुमार ने प्रस्तावित योजनाओं और उनके क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति पेश की। प्रस्तुति में मुख्यमंत्री को 'मुख्यमंत्री ग्रामीण पीने के पानी निकास' योजना के तहत जल मीनारों पर ऑफ ग्रिड सौर पैनल स्थापित करने के प्रस्ताव से अवगत कराया गया। इस दौरान हर योजना पर वार्षिक बिजली बिल के खर्च, वित्तीय व्यवस्था, सौर पैनल की स्थापना और देखभाल, निगरानी और क्रियान्वयन में ब्रिडा (पटना) की भूमिका की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की गई। इसके अलावा योजना से होने वाली वित्तीय बचत और उस राशि के उपयोग के संभावित विकल्पों पर भी रोशनी डाली गई। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पंचायत सरकारी भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि इन इमारतों की उचित देखभाल और नियमित निगरानी का प्रभावी प्रणाली बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत सरकारी भवन बनाने वाले ठेकेदारों को ही इन इमारतों की रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाए और इस संबंध में उनकी जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने पंचायत सरकारी भवनों में सौर प्रणाली की स्थापना को निर्माण अनुमान में शामिल करने का निर्देश भी दिया। साथ ही इस कार्य को पंद्रहवें वित्त आयोग और सातवें राज्य वित्त आयोग से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि समय पर फंड की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने पंचायतों में बिजली की आपूर्ति से संबंधित जानकारी जनप्रतिनिधियों तक नियमित रूप से पहुंचाने के लिए एक विशेष टीम गठन करने का भी निर्देश दिया। यह टीम पंचायत के मुखिया, विधायक और सांसद समेत सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों को उनके मोबाइल फोन पर रोजाना बिजली की आपूर्ति के समय से संबंधित जानकारी प्रदान करेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं पर इस प्रकार क्रियान्वयन किया जाए कि पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं का विकास हो, ऊर्जा की बचत सुनिश्चित हो और ग्रामीण जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें। बैठक में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्य सचिव प्रतीय अमृत, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव विनय कुमार, योजना और विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. एन. वीजय लक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, संजय कुमार सिंह, निर्माण विभाग के सचिव प्रनोय कुमार और पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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