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बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मिलेगी नई विस्तार

ज़िया साहब4 मिनट में पढ़ें

सड़कों के बुनियादी ढांचे को नई गति देने की तैयारी, 49,751 करोड़ के चार बड़े प्रोजेक्ट्स की मंजूरी की मांग, सम्राट चौधरी ने नितिन गडकरी से की मुलाकात

पटना, 2 नवंबर: (ए बी एन ) बिहार में सड़कों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक पटरी पर लाने, राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क को विस्तार देने और लंबित महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को जल्द अमल में लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री के निवास पर आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, पुलों के निर्माण और बेहतर आवागमन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगातार सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी धन्यवाद किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार की कनेक्टिविटी सड़कों के नेटवर्क को नई विस्तार देने वाले महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को जल्द अंतिम मंजूरी देने की अपील की। उन्होंने बताया कि राज्य में 49,751 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 330 किलोमीटर लंबे चार बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रूवल कमिटी (पीपीपीएसी) से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इनकी अंतिम मंजूरी कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) से बाकी है। मुख्यमंत्री ने इन प्रोजेक्ट्स की महत्व पर रोशनी डालते हुए कहा कि इनके क्रियान्वयन से न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा बल्कि मालवाहक और परिवहन की लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इन चार महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में 1,976.77 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-727 एए पर गंडक नदी के ऊपर दो लेन का पुल और बिहार के मंवा पुल (बेगूसराय) को उत्तर प्रदेश के तिवारी पट्टी (सिवराही) से जोड़ने वाले पुल और कनेक्टिविटी सड़क का निर्माण शामिल है। इसके अलावा 8,455.86 करोड़ रुपये की लागत से सरिसताबाद-दीदारगंज और अनिसाबाद-दीदारगंज सेक्शन में छह लेन का एलीवेटेड रोड और सर्विस रोड का निर्माण हाइब्रिड एनीटी मोड पर किया जाएगा। 31,987.11 करोड़ रुपये की लागत से पटना-पुर्णिया चार लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और 7,331.40 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी-रanchi-कोलकाता छह लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के कुंकी गांव से लिरूवा गांव तक के हिस्से का निर्माण भी इन प्रोजेक्ट्स में शामिल है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कराने गलदस्ता प्रस्तुत करते हुए

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-सलीगढ़ी एक्सप्रेसवे के बिहार वाले हिस्से को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे के रूप में जल्द से जल्द नोटिफाई करने की मांग भी की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए प्रारंभिक तैयारियों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है और संबंधित जिलों में जमीन अधिग्रहण से जुड़े धारा 3ए का नोटिफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से उत्तरी बिहार में आवागमन व्यवस्था बेहतर होगी और विभिन्न नदियों पर नए पुलों के निर्माण से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बल मिलेगा। इसी तरह मुख्यमंत्री ने रक्सौल-हल्दीघाटी एक्सप्रेसवे के संशोधित रूट की मंजूरी के बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए इस प्रोजेक्ट को जल्द नोटिफाई करने और अंतिम मंजूरी देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे नेपाल के साथ व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के अलावा बिहार को हल्दीघाटी बंदरगाह से सीधे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूर्व केंद्रीय मंत्री धरमंदर प्रधान से मुलाकात करते हुए

इसकी रणनीतिक महत्ता भी असाधारण है। बैठक में मज़फरपुर‑ब्रौनी (एनएच‑122) को चार‑लेन में बदलने के परियोजना पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संदर्भ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस परियोजना के कार्यान्वयन की गति तेज की जाए, ताकि उत्तरी और मध्य बिहार के बीच सड़क संपर्क और बेहतर हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार में लगभग 2,329 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों की देखभाल और विकास की जिम्मेदारी राज्य के विभाग निर्माण‑सड़क को सौंप दी गई है। विभाग की ओर से 323 किलोमीटर लंबी 10 राष्ट्रीय राजमार्गों के परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करके केंद्रीय सरकार को भेजी गई है, जिन पर कुल मिलाकर 13,015 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं में वकरम शिला पुल की संपर्क सड़क और मशरख‑चकीया‑भथा मोड़ सड़क को चार‑लेन में बदलने का परियोजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को जल्द तकनीकी और वित्तीय अनुमोदन देने की अपील की। बैठक के दौरान बिहार में सड़कों के नेटवर्क का विस्तार, पुलों और एक्सप्रेसवे की निर्माण, बेहतर अंतर‑राज्यीय संपर्क और बाढ़ से सुरक्षा के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इन परियोजनाओं को समय पर अनुमोदन और सहयोग मिलने से बिहार में आवागमन की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा और आर्थिक व औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

ज़िया साहब

संपादक-इन-चीफ

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