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वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2021-22 के बीच 3,663,701 स्थायी घरों का निर्माण
पटना, 4 नवंबर: (ए बी एन) बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर और खराब स्थिति में रहने वाले गरीबों की ज़िंदगी तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य में 43 लाख 14 हजार 959 गरीबों ने अपने सपनों का पक्का घर बनाकर तैयार कर लिया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब तक रिकॉर्ड 49 लाख 16 हजार 649 घरों के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 49 लाख 9 हजार 740 लाभार्थियों को घरों की मंजूरी दी गई है। बिहार सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन और बुनियादी सुविधाओं के साथ घरों की आपूर्ति अभियान पर अब तक कुल 56,743.40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में इस योजना पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है, जिसे दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक 37,01,138 घरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने जल्दबाजी का प्रदर्शन करते हुए 37,531 पात्रों को मंजूरी दी, जिनमें से 36,63,701 परिवारों के लिए घरों के निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। पहले चरण में फंड्स की तीनों किश्तें पारदर्शी तरीके से समय पर जारी की गईं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के परिदृश्य को बदलने में बड़ी सफलता मिली।
इस गति को बनाए रखते हुए, दूसरे चरण (वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26) के लिए कुल 12,15,511 घरों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 12,09,209 लाभार्थियों के लिए घरों की मंजूरी दी गई है। योजना की प्रगति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे चरण में 11,70,945 लाभार्थियों को पहली किश्त, 10,21,366 लाभार्थियों को दूसरी किश्त और 7,13,329 लाभार्थियों को तीसरी किश्त भुगतान कर दी गई है।
इसके परिणामस्वरूप दूसरे चरण में 6,51,258 लाभार्थियों ने अपने स्थायी घरों का निर्माण पूरा कर लिया है। ये स्थायी घर, जो 1.20 लाख रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता से बनाए गए हैं, न केवल बेघर परिवारों को आश्रय प्रदान कर रहे हैं बल्कि उनकी जीवन गुणवत्ता को भी बेहतर बना रहे हैं, उन्हें सामाजिक सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन प्रदान कर रहे हैं।
इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग और जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के मंत्री श्री शरन कुमार ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लाभों को सबसे निचले स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से गरीब और कमजोर परिवारों को न केवल शरण मिल रही है बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर भी मिल रहा है। विभाग पूर्ण पारदर्शिता और गति के साथ मंजूर किए गए घरों का निर्माण कर रहा है। किश्तों की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में समय पर स्थानांतरित की जा रही है, यह सुनिश्चित करते हुए कि निर्माण में कोई रुकावट न आए। जिन परिवारों की योजनाएं जारी हैं, उनके लिए निर्माण कार्य भी 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करते हुए जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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