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मणिपुर में जातिगत हिंसा के दो अलग-अलग मामलों में कोकी समुदाय के 5 लोग मारे गए हैं। कोकी संगठन ने नागा सशस्त्र समूहों पर आरोप लगाया है। राज्य में प्रदर्शन और तनाव बढ़ रहा है।
नई दिल्ली: भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक बार फिर जातिगत हिंसा भड़क उठी है। राज्य में दो अलग-अलग मामलों में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं। पुलिस ने रविवार को इन मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन लोगों की मौत गोलीबारी के दौरान हुई, जबकि दो अन्य लोगों के शव तलाशी अभियान के दौरान बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, पहला मामला राज्य के नोनई जिले में शनिवार को हुआ, जहां अज्ञात सशस्त्र लोगों के बीच गोलीबारी हुई। इस मामले में कोकी आदिवासी समुदाय से संबंधित तीन लोग मारे गए। पुलिस ने अपने बयान में गोलीबारी में शामिल लोगों को अज्ञात सशस्त्र आतंकवादी घोषित किया है।
दूसरे मामले में कोकी समुदाय के ही दो लोगों के शव रविवार की सुबह कांग पोकपी जिले से बरामद हुए। ये दोनों लोग इस हफ्ते की शुरुआत से लापता थे। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों ने उनकी तलाश के लिए कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद उनके शव मिले।
कोकी आदिवासी समुदाय के एक प्रमुख संगठन ने इन मौतों का आरोप नागा अलगतावादी संगठनों पर लगाया है। संगठन ने इन घटनाओं को कोकी समुदाय के मूल क्षेत्र में सीधे और बिना किसी उकसावे के हमला बताया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ये मौतें ऐसे समय में हुई हैं जब मणिपुर की राजधानी इम्फाल समेत राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। प्रदर्शनकारी कोकी सशस्त्र समूहों और भारतीय सरकार के बीच शांति समझौते को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।
मणिपुर में कोकी और नागा आदिवासी समुदायों के बीच मूल क्षेत्रों पर स्वामित्व के दावों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों समुदायों के बीच ताजा झड़पों की शुरुआत इस साल फरवरी में हुई थी, जब दावा किया गया कि कोकी समुदाय के कुछ लोगों ने एक नागा व्यक्ति पर हमला किया था।
इसके बाद मई में नागा सशस्त्र समूहों पर तीन कोकी पुजारी की हत्या का आरोप लगा, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों से अपहरण और हत्या के प्रति-मामलों की शुरुआत हो गई। ध्यान रहे कि मणिपुर पहले ही मीतेई और कोकी समुदायों के बीच जारी खूनी जातिगत विवाद से प्रभावित है। यह विवाद मई 2023 में आर्थिक छूट और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दों पर शुरू हुआ था। ताजा कोकी-नागा झड़पों ने राज्य में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।
इस विवाद में अब तक 300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 60 हज़ार से अधिक लोग अपने घरों से बेघर होकर अस्थायी शरणस्थलों में रहने पर मजबूर हैं। ताजा घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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