
अलखलूद ने संघ को हराकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया
सऊदी फुटबॉल में विदेशी मालिकाना हक के यात्रा की शुरुआत अत्यधिक यादगार तरीके से हुई है। जब बेन हार्बरग ने सीजन की शुरुआत से पहले अल-खलूद को खरीदा था, तो शायद उन्होंने स्वयं भी नहीं सोचा होगा कि वे अपने पहले ही सीजन में सऊदी किंग्स कप के फाइनल में पहुंच जाएंगे। अल-खलूद ने अल-इत्तिहाद के खिलाफ दो बार पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और अतिरिक्त समय के बाद मैच 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में अल-खलूद ने 5-4 से जीत हासिल कर पहली बार फाइनल में जगह बनाई। दूसरी ओर, अल-हिलाल और अल-आहली के बीच मैच निर्धारित समय तक 1-1 से बराबर रहा, जहां गोलकीपर यासिन बोनू की शानदार प्रदर्शन के कारण अल-हिलाल ने पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से जीत हासिल की। कसीम में खेले गए मैच में अल-खलूद ने रक्षात्मक रणनीति अपनाई, लेकिन अल-इत्तिहाद ने 40वें मिनट में मूसा डियाबी के गोल के माध्यम से बढ़त हासिल कर ली। अल-खलूद ने हिम्मत नहीं हारी और 73वें मिनट में अब्दुलअजीज अल-अलवी ने गोल कर मैच बराबर कर दिया। अतिरिक्त समय में स्टीवन बर्गविजन ने अल-इत्तिहाद को फिर से बढ़त दिलाई, लेकिन 111वें मिनट में 20 वर्षीय प्रतिस्थापन खिलाड़ी एडम बेरी ने अपने करियर का पहला और यादगार गोल कर स्कोर फिर से बराबर कर दिया। पेनल्टी शूटआउट में अल-खलूद के गोलकीपर कोज़ानी ने मूसा डियाबी की महत्वपूर्ण पेनल्टी रोककर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। जेद्दा में हुए दूसरे सेमीफाइनल में अल-हिलाल ने 39वें मिनट में थियो हर्नांडेज़ के शक्तिशाली शॉट के माध्यम से बढ़त हासिल की। अल-आहली ने दूसरे हाफ में मजबूत दबाव डाला और 78वें मिनट में आयोन टोनी ने पेनल्टी पर गोल कर मैच बराबर कर दिया। पेनल्टी शूटआउट में एक बार फिर यासिन बोनू अल-हिलाल के हीरो साबित हुए, जिन्होंने आयोन टोनी और गेलीनो की पेनल्टीज़ रोककर अपनी टीम की फाइनल में पहुंच यकीनी बनाई। थियो हर्नांडेज़ ने अंतिम पेनल्टी स्कोर कर अल-हिलाल की जीत पर मुहर लगाई। अब किंग्स कप के फाइनल में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी अल-हिलाल का सामना इस सीजन की सबसे बड़ी सरप्राइज पैकेज अल-खलूद से होगा।



