भारत अवसरों की भूमि, भारतीय समुदाय से निवेश और सहयोग की अपील
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के भारत को अवसरों की भूमि बताते हुए नीदरलैंड्स में रहने वाले भारतीय समुदाय से भारत में निवेश और सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'विकसित भारत' के सफर में वैश्विक भारतीय समुदाय की बड़ी भूमिका होगी।
पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में दो दिन के दौरे पर शुक्रवार की रात यहां पहुंचे श्री मोदी ने शनिवार को भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। भारतीय प्रवासियों से बात करते हुए उन्होंने इन लोगों को दोनों देशों के संबंधों की असली ताकत और एक जीवंत पुल बताया और कहा कि सरकार ने सूरीनामी भारतीय समुदाय के लिए ओसीआई (ओसीआई) कार्ड की पात्रता चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक कर दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक, तकनीकी और लोकतांत्रिक उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए नीदरलैंड्स में रहने वाले भारतीयों से दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत आज "असीमित इच्छाओं" और "अथक प्रयासों" के साथ दुनिया की पहली पंक्ति की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि नीदरलैंड्स के नेताओं ने हमेशा भारतीय प्रवासियों की प्रशंसा की है और यहां रहने वाले भारतीय डच समाज की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रवासियों की सांस्कृतिक जड़ों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पीढ़ियों के बदलने और देशों की सीमाओं के बदलने के बावजूद भारतीयों ने अपनी भाषा, संस्कृति, त्योहारों और परंपराओं को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय केवल प्रवास की कहानी नहीं है, बल्कि संघर्ष, संस्कृति और विकास की एक जीवंत मिसाल है।
भारत के विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत में केवल चार यूनिकॉर्न थे, जबकि आज यह संख्या लगभग 125 तक पहुंच गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारतीय स्टार्ट-अप वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब मोबाइल फोन निर्माण में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है और देश में 12 सेमीकंडक्टर संयंत्रों पर काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत में अब "डिज़ाइन्ड इन इंडिया" और "मेड इन इंडिया" चिप्स का उत्पादन शुरू हो रहा है। उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया है। उन्होंने बताया कि प्रति माह भारत में 20 अरब से अधिक यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं, जो वैश्विक डिजिटल लेनदेन के आधे से अधिक है।
वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी, युद्धों और ऊर्जा संकट के बीच दुनिया एक विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला की तलाश में है। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड्स मिलकर एक "विश्वसनीय, पारदर्शी और भविष्य की मांगों के अनुसार" आपूर्ति श्रृंखला तैयार कर रहे हैं। उन्होंने हरित हाइड्रोजन, जल संरक्षण और व्यापारिक सहयोग को दोनों देशों के संबंधों की महत्वपूर्ण आधार बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाले ऐतिहासिक व्यापार समझौते से भारत-नीदरलैंड्स साझेदारी और मजबूत होगी और भारतीय व्यवसायों के लिए यूरोप में प्रवेश का प्राकृतिक मार्ग नीदरलैंड्स बनेगा।
खेल के क्षेत्र में सहयोग पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिकेट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों ने नीदरलैंड्स की टीम को मजबूत किया है, जबकि भारत की हॉकी टीम को डच कोचों से फायदा हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हॉकी विश्व कप में जीत किसी की भी हो, लेकिन भारत और नीदरलैंड्स की दोस्ती की जीत हमेशा रहेगी।