भारत और न्यूजीलैंड मिलकर विश्व शक्ति बन सकते हैं: मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के पास इतना कुछ है जो दोनों को एक-दूसरे की पूरक बनाता है और दोनों देश मिलकर एक वैश्विक शक्ति बन सकते हैं। तीन देशों के अपने दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड के दौरे पर आए मोदी ने यहां एक बिजनेस प्रोग्राम में दोनों देशों के उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों से संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत का मध्यम वर्ग, व्यापक डिजिटलीकरण और बुनियादी ढांचे की तेज विकास देश की विकास गाथा को अद्वितीय बनाती है। उन्होंने कहा, "और मैं चाहता हूं कि भारत और न्यूजीलैंड मिलकर एक नई शक्ति के रूप में उभरें।" प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत में नीतिगत और राजनीतिक स्थिरता है। भारत केवल एक बाजार नहीं है, भारत वैश्विक विकास का इंजन है। उन्होंने दोनों देशों को सलाह दी कि वे अपने संबंधों की पूरी क्षमता का उपयोग करें। न्यूजीलैंड के व्यापारियों से भारत के साथ मिलकर काम करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, "आइए, हम अपनी साझेदारी को समृद्धि का आधार बनाएं, नवाचार का क्षण बनाएं और वैश्विक कल्याण की शक्ति बनाएं।" दोनों देशों के बीच महज नौ महीने में हुए मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि यह न्यूजीलैंड के संस्थानों के लिए भारतीय बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और कौशल की गतिशीलता के नए अवसर लेकर आएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना हो जाएगा। न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश के संकल्प का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल निवेश का नहीं, बल्कि भारत के विकासात्मक यात्रा में साझेदार बनने का भी संकल्प है। देश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में हवाई अड्डे, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, एयर कार्गो ट्रांसपोर्ट और पर्यटन तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है। उन्होंने कहा, "हम मिलकर कार्गो कॉरिडोर, हवाई संपर्क और संयुक्त पर्यटन पैकेज बना सकते हैं।" उन्होंने कहा कि कीवी, सेब, शहद और समुद्री खाद्य पदार्थ जैसी तेजी से खराब होने वाली वस्तुओं के लिए कार्गो समाधान तैयार किए जा सकते हैं। न्यूजीलैंड के पास बागवानी, डेयरी विज्ञान और वनस्पति विज्ञान में व्यापक विशेषज्ञता है। भारत के पास उपभोक्ता बाजार, फूड पार्क और कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्षमता का भंडार है। दोनों देश मिलकर कृषि से बाजार की मूल्य श्रृंखला और वैश्विक निर्यात मंच बना सकते हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के व्यापारियों को फिनटेक, अंतरिक्ष, शहरी परिवहन, जल प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने का निमंत्रण दिया।