वाशिंगटन में महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रगति, इस्राइल-लेबनान वार्ता शुरू
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि आज मंगलवार को इज़राइल और लेबनान के बीच उच्च स्तरीय सीधे राजनयिक वार्ता होगी, जो 1993 के बाद अपनी तरह की पहली वार्ता होगी। अमेरिकी प्रायोजन में होने वाली इन वार्ताओं में इज़राइल की उत्तरी सीमा की दीर्घकालिक सुरक्षा और लेबनान की पूर्ण संप्रभुता की बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। अधिकारी ने कहा कि इज़राइल की लड़ाई हिज़बुल्लाह के साथ है, लेबनान के साथ नहीं, इसलिए दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल एसा, अमेरिकी सलाहकार माइकल नेडहम, अमेरिका में इज़राइल के राजदूत याहेल लिटर और अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादिया हमादा भाग लेंगे। रिपोर्टों के अनुसार वार्ता वाशिंगटन में ग्रीनविच समय के अनुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगी। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब लेबनान-इज़राइल सीमा पर हिज़बुल्लाह और इज़राइली सेना के बीच झड़पें जारी हैं। लेबनानी सूत्रों के अनुसार बेरूत इज़राइल से युद्धविराम की पूर्ण पालना की मांग करेगा, जबकि इज़राइल हिज़बुल्लाह को निरस्त्र करने और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। लेबनान अपनी संप्रभुता के संरक्षण के लिए गारंटी भी चाहता है ताकि भविष्य में किसी भी संभावित आक्रमण से बचा जा सके, जबकि वह वर्तमान तनाव से उत्पन्न आर्थिक और राजनीतिक संकट को कम करना चाहता है। दूसरी ओर, इज़राइल का उद्देश्य सीमा के पास हिज़बुल्लाह की उपस्थिति को समाप्त करना, हथियारों को समाप्त करना और ईरानी प्रभाव को कम करना है, जबकि वह आवश्यकता पड़ने पर सैन्य कार्रवाई की स्वतंत्रता भी बनाए रखना चाहता है। वार्ता से पहले हिज़बुल्लाह के महासचिव शेख नाइम कासिम ने लेबनानी सरकार से मांग की कि वह इज़राइल के खिलाफ सख्त रुख अपनाए और वार्ता प्रक्रिया से हाथ खींच ले। उन्होंने कहा कि संप्रभुता प्राप्त करने का मार्ग नवंबर 2024 के समझौते पर पूर्ण कार्यान्वयन में है। हिज़बुल्लाह के एक वरिष्ठ नेता ने भी स्पष्ट किया कि संगठन अमेरिका के प्रायोजन में होने वाले किसी भी सीधे समझौते को मान्यता नहीं देगा। यह याद रखना है कि 2022 में अमेरिका के मध्यस्थता में लेबनान और इज़राइल के बीच समुद्री सीमा के निर्धारण का समझौता हुआ था, जबकि दिसंबर 2025 में दोनों देशों ने अमेरिका के साथ परोक्ष वार्ता भी की थी ताकि 2024 में हिज़बुल्लाह और इज़राइल के बीच युद्ध के समाप्ति के समझौते को मजबूत किया जा सके।