ट्रम्प की ईरान को धमकी: होरमुज़ तनाव ने सीज़फायर को युद्ध के दहाने पर धकेल दिया
Awaz E Bihar••7 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
होरमुज़ जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है और युद्धविराम खतरे में पड़ गया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अमेरिकी जहाजों पर हमला किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका का कहना है कि उसकी सेना व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान कर रही है, जबकि ईरान ने दावा किया है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह से उसके नियंत्रण में है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार 7 ईरानी नौकाओं को नष्ट कर दिया गया है, हालांकि ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। अरब मीडिया के अनुसार दक्षिण कोरिया के 1 जहाज पर हमला और आग लगने की भी पुष्टि हुई है, जबकि 2 और जहाजों में आग लगने की खबरें हैं। कल ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें फुजैराह के तेल क्षेत्र में आग लग गई और 3 लोग घायल हो गए। संयुक्त अरब अमीरात ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है। इस बीच वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 4.45 डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई है, जिससे मुद्रास्फीति में वृद्धि हो रही है। अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने 50 व्यापारिक जहाजों को मोड़ दिया है ताकि क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, जबकि कई देशों के जहाज अभी भी फंसे हुए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है, ईरान ने दावा किया है कि एक अमेरिकी युद्धपोत को मिसाइलों से निशाना बनाया गया है, हालांकि अमेरिका ने इसका खंडन कर दिया है। ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार अमेरिकी जहाज ईरानी बंदरगाह जास्क के पास प्रवेश किया और चेतावनी को नजरअंदाज करने पर उस पर 2 मिसाइल दागे गए, जिसके बाद वह पीछे हटने पर मजबूर हो गया। दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने सोशल मीडिया बयान में कहा है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार यह स्थिति तब सामने आई है जब ईरानी सैन्य नेतृत्व ने चेतावनी दी थी कि होरमुज़ जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाली अमेरिकी सेनाओं को निशाना बनाया जाएगा। ईरान का कहना है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा हर कीमत पर बनाए रखी जाएगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान में संभावित लंबे समय तक चलने वाले युद्ध की तैयारियों की प्रक्रिया भी जारी है। ईरानी अधिकारी मिसाइल और ड्रोन क्षमता बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि देश में इंटरनेट प्रतिबंध भी जारी है, जो 90 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित कर रहा है। ईरानी सरकार ने 'जान-ए-फिदा' नामक अभियान भी शुरू किया है, जिसमें लोगों को बलिदान के लिए तैयार रहने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में 31 मिलियन लोग शामिल हो चुके हैं, हालांकि विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में इन आंकड़ों को संदेहास्पद बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान युद्ध समाप्त होने पर पेट्रोल की कीमतें तेजी से कम हो जाएंगी। वह आज भी ऐसा ही महसूस करते हैं जैसा 50 साल पहले महसूस करते थे। वाशिंगटन में बिजनेस समिट से संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि आदमी की सेहत खराब हो तो पता चलता है, जैसा पिछली अमेरिकी प्रशासन में पता चलता था। उनका कहना था कि चीन के राष्ट्रपति से मिलने का इंतजार है, चीन का दौरा महत्वपूर्ण होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के 159 जहाज डुबो दिए, मेरी तो इच्छा थी कि उन पर कब्जा किया जाता। उन्होंने आगे कहा कि वियतनाम में हमने 19 साल बिताए, कोरिया में 7 साल बिताए, अब ईरान के मामले में लोग कहते हैं कि इतनी देर क्यों हो रही है। ट्रम्प ईरान युद्ध से संबंधित पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए बिना समारोह से रवाना हो गए।