सामग्री पर जाएँ
राष्ट्रीय

राज्यसभा में लंबित मामलों के बंदियों के मतदान के अधिकार और पत्रकारों को रेलवे सुविधाओं की बहाली की मांग

Awaze Bihar3 मिनट पढ़ें

नई दिल्ली, : संसद के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को राज्यसभा में शून्य काल के दौरान विभिन्न दलों के सांसदों ने चुनाव सुधार, पत्रकारों को रेल में मिलने वाली छूट, अग्निपथ योजना, युवाओं के लिए न्यूनतम आय की गारंटी और नागरिक अनुशासन जैसे मुद्दे उठाए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य अरुण कुमार ने चुनाव सुधार का मुद्दा उठाते हुए जेलों में बंद अभियुक्तों को वोट का अधिकार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत की जेलों में 4.9 लाख से अधिक कैदी बंद हैं, जिनमें से लगभग 77 प्रतिशत या 3.8 लाख से अधिक अभियुक्त हैं। कानून की नजर में उनका अपराध साबित नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रावधानों के तहत जेल में बंद व्यक्ति को वोट डालने का अधिकार नहीं है, जबकि जमानत या पैरोल पर बाहर आने वाले व्यक्ति को वोट डालने की अनुमति है। इसके अलावा, घरों में नजरबंद व्यक्तियों को पोस्टल बैलेट तक पहुंच है और उन्हें जेल से चुनाव लड़ने की भी अनुमति है। अरुण कुमार ने कहा कि कई बार गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति जमानत की राशि का भुगतान न कर पाने के कारण जेल में रहते हैं, जबकि उसी अपराध के आरोपी अमीर व्यक्ति बाहर से वोट डालने में सक्षम होते हैं। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 326 की भावना के विरुद्ध बताते हुए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 62(5) में संशोधन की मांग की।
उन्होंने सुझाव दिया कि सात वर्ष से कम सजा वाले अपराधों के तहत अभियुक्तों को वोट का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में इस मामले पर पुनर्विचार करने का फैसला किया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने हाल ही में कई अप्रासंगिक कानूनों को निरस्त किया है, इसलिए इस अनियमितता को भी दूर किया जाना चाहिए। इससे लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य नीरज डांगी ने पत्रकारों को रेल यात्रा में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट को बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान, भारतीय रेलवे द्वारा पत्रकारों को दी जाने वाली सुविधा को निलंबित कर दिया गया था, जो उस समय की परिस्थितियों के मद्देनजर एक अस्थायी कदम था। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बावजूद यह छूट बहाल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पत्रकार निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए दूर-दूर और संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा करते हैं और यह छूट कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि उनके काम में सहायक सुविधा है।
आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सिफारिशी प्रथा को समाप्त करने की भी मांग की।
आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने देश में बढ़ती गंदगी और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन में कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समस्या केवल सरकार की नहीं बल्कि नागरिकों की मानसिकता की भी है। उन्होंने स्कूलों में नागरिक शिक्षा को अनिवार्य करने और सार्वजनिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई की मांग की।

अन्य भाषा में: English · اردو

साझा करें:

संबंधित समाचार