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राष्ट्रीय

डावोस में हेमंत सोरेन की टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व से महत्वपूर्ण मुलाकात, 11,000 करोड़ रुपये के निवेश का वादा

Awaze Bihar3 मिनट पढ़ें

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम डेवोस के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान टाटा स्टील ने झारखंड में "न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी" के तहत कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके लिए समझौता ज्ञापन और सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस निवेश में हीरासान ईज़ी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी में 7,000 करोड़ रुपये, कुम्भी मिल परियोजना में 1,500 करोड़ रुपये और टिन प्लेट विस्तार परियोजना में 2,600 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। ये सभी परियोजनाएं पर्यावरण अनुकूल ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगी, जिनमें नीदरलैंड और जर्मनी की आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार सतत औद्योगिक विकास, स्वच्छ तकनीक और स्थानीय रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दे रही है। टाटा स्टील के साथ यह साझेदारी राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ झारखंड को हरित औद्योगिक परिवर्तन का अगुआ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निवेश न केवल राज्य के खनिज आधारित औद्योगिक प्रणाली को मजबूत करेगा, बल्कि हरित ऊर्जा और जलवायु अनुकूल विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी तेज करेगा।
हिताची कंपनी ने बिजली, उच्च स्तरीय ग्रिडिंग और आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए निवेश का प्रस्ताव दिया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ओर से मुख्यमंत्री को व्हाइट पेपर दिया गया और उनकी ओर से सहयोग का औपचारिक पत्र प्रस्तुत किया गया। यह सहयोग डब्ल्यूईएफ के केंद्रों के अनुसार तीन महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित है - महत्वपूर्ण खनिज और नई ऊर्जा, और जलवायु और जैव विविधता का संरक्षण। राज्य सरकार का "विजन 2050" व्यापक रूप से डब्ल्यूईएफ के समावेशी समाज के概念 से पूरी तरह से संरेखित है। इस साझेदारी के माध्यम से ज्ञान के आदान-प्रदान और कार्रवाई पर आधारित सहयोग की दिशा में एक अर्थपूर्ण और दीर्घकालिक प्रयास किया जाएगा।
पिछले वर्ष झारखंड सरकार के स्वीडन के आधिकारिक दौरे का परिणाम भी सामने आया है। स्वीडन ने शहरी परिवहन में निवेश के संबंध में बातचीत को आगे बढ़ाया है। इस संबंध में अप्रैल में स्वीडन और भारत के बीच संभावित सहयोग और निवेश के लिए राउंड टेबल बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने उन स्वीडिश कंपनियों से भी मुलाकात की, जिनसे पिछले वर्ष स्वीडन के दौरे के दौरान बातचीत हुई थी।
वर्ल्ड विमेन लीडर्स फोरम के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात हुई, जिसमें महिला राजनीतिक नेतृत्व को सशक्त बनाने, विशेष रूप से पिछड़े वर्गों से आने वाली महिलाओं के लिए झारखंड सरकार के साथ एक सहयोगी ढांचे की स्थापना करने की इच्छा व्यक्त की गई। साथ ही भारत चैप्टर की स्थापना और सभी राजनीतिक दलों की महिला प्रतिनिधियों के लिए एक संयुक्त और गैर-राजनीतिक मंच की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसमें संवाद, क्षमता निर्माण और सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सोरेन और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ टाटा स्टील के एमडी और सीईओ टीवी नरेंद्रन, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल की चीफ इंडिया प्रतिनिधि सेसिलिया ओल्डने, विमेन पॉलिटिकल लीडर्स फोरम की अध्यक्ष सिल्वाना कोच-मेहेरन, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) से वरज मेहता, हिताची इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख भारत कोशल और टेक महिंद्रा के आईएमईए डिवीजन के अध्यक्ष और चेयरमैन साहिल धवन भी बैठक में शामिल हुए।

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