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राजनीति

लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर नहीं 'बर्बाद कॉरिडोर' बनाया गया : अखिलेश यादव

Awaze Bihar3 मिनट पढ़ें

समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि देश के रक्षा मंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र में अच्छा काम किया है, उन्होंने ग्रीन कॉरिडोर बनाया लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे "बर्बाद कॉरिडोर" बना दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं है, जबकि कोई भी सड़क पैदल चलने वालों के बिना डिज़ाइन नहीं की जा सकती। हर जगह पुलिस तैनात है, उनका कॉरिडोर कभी "ग्रीन" नहीं हो सकता।

रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने उन महिलाओं को विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया, जिन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव, पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, भाषा संस्थान के पूर्व अध्यक्ष डॉ. यू.पी. सिंह और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

'मूर्ति देवी-मालती देवी महिला सम्मान समारोह' से संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि "अगर आप किसी समाज या देश की वास्तविक स्थिति देखना चाहते हैं, तो वहां की महिलाओं की स्थिति को देखें। जहां बोलने और लिखने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है, वहां विकास संभव नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं। समाज में पुरुषों को अधिक महत्व दिया जाता है और जब तक सोच नहीं बदलती, हालात नहीं बदलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम 8 मार्च को 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' पर होना था, लेकिन किसी कारण से उस समय नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जब राज्य में समाजवादी सरकार बनेगी तो महिलाओं के लिए और अधिक काम किए जाएंगे। जब 1090 हेल्पलाइन शुरू की गई थी, तो लोगों ने संदेह व्यक्त किया था, लेकिन बाद में इसके परिणाम सामने आए तो सुप्रीम कोर्ट ने भी अन्य राज्यों को इसको अपनाने की सिफारिश की। उस समय उत्तर प्रदेश पुलिस को कई सुविधाएं दी गईं और डायल 100 में महिलाओं को शामिल किया गया ताकि पीड़ितों से बेहतर संपर्क स्थापित किया जा सके।

अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी ने सबसे पहले "कन्या विद्या धन" योजना शुरू की थी और आगे भी और अधिक योजनाएं लाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पीडीए के माध्यम से सरकार बनाकर महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा। उन्होंने "यश भारती" पुरस्कार का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से न केवल सम्मान दिया जाता था, बल्कि मासिक वित्तीय सहायता भी दी जाती थी, जिसे अब बंद कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में समाजवादी पेंशन और "नारी समृद्धि योजना" के तहत महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। अखिलेश यादव ने दावा किया कि वास्तविक विकास 2027 से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में तेजी से बजट पारित किए जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां ममता बनर्जी जीत हासिल करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां बड़ी संख्या में लोगों की तैनाती की जा रही है, जिन्हें बाद में उत्तर प्रदेश भी भेजा जाएगा और बूथ स्तर तक पैसे पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब पुलिस से राजनीतिक काम लिया जाएगा तो कानून और व्यवस्था कैसे बनी रहेगी। मथुरा में एक साधु की हत्या, गोरखपुर और वाराणसी की घटनाएं इसकी मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने शंकराचार्य को भी नहीं बख्शा तो किसी को नहीं छोड़ेगी।

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