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राष्ट्रीय

रीफार्म्स एक्सप्रेस मार्ग के निर्माण से सरकार और जनता की आय में वृद्धि हुई है: राष्ट्रपति मुर्मू

Awaze Bihar4 मिनट पढ़ें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार 'सुधार एक्सप्रेस' के रास्ते पर आगे बढ़ रही है, जिसमें हाल ही में जीएसटी में सुधार, नए श्रम कोड और कम मुद्रास्फीति दर शामिल हैं। संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की आर्थिक नींव बहुत मजबूत हुई है। विभिन्न वैश्विक संकटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। मुद्रास्फीति दर को कम रखने का रिकॉर्ड और बेहतर हुआ है, जिसका सीधा लाभ देश के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को हो रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण देश के नागरिकों की आय में वृद्धि हुई है, बचत बढ़ी है और खरीदारी की शक्ति में भी वृद्धि हुई है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति के लिए देश के लोगों को बधाई देते हुए उन्होंने इसे भारत के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को गति देने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इससे देश के युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत नए अवसर पैदा होंगे।

श्रीमती मुर्मू ने कहा कि सरकार 'सुधार एक्सप्रेस' के रास्ते पर आगे बढ़ रही है और पुराने कानूनों और दायित्वों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार लगातार बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में सुधार के परिणामस्वरूप लोगों को एक लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। जीएसटी में कमी के बाद 2025 में दोपहिया वाहनों का पंजीकरण दो करोड़ से अधिक हो गया, जो एक नया रिकॉर्ड है। सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स शून्य करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सुधारात्मक कदमों से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को असाधारण लाभ हुआ है और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश ने नए क्षेत्रों के उदय के साथ-साथ श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए नए श्रम कानून लागू किए हैं। लंबे समय तक देश की श्रम शक्ति दर्जनों कानूनों में उलझी हुई थी, जिसे अब केवल चार नियमों तक सीमित कर दिया गया है। इससे श्रमिकों को उचित मजदूरी, भत्ते और अन्य लाभ प्राप्त करना आसान हो गया है। देश के युवाओं और महिलाओं को इसका विशेष लाभ होगा।

उन्होंने बताया कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत अब तक लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। देश का इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र असाधारण गति से विकास कर रहा है। पिछले 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में छह गुना वृद्धि हुई है और यह 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

निवेश और निर्यात में देश की बढ़ती वैश्विक भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में लगभग 750 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। सरकार नए क्षेत्रों को बढ़ावा दे रही है। आधुनिक विनिर्माण और भविष्य की प्रौद्योगिकी के लिए माइक्रो चिप में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से 2025 में चार सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी गई है। आगे चलकर ऐसी 10 फैक्ट्रियां उत्पादन शुरू करने वाली हैं। भारत अब नैनो चिप विनिर्माण के लिए भी बड़े कदम उठा रहा है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि चिप के अलावा सरकार ने महत्वपूर्ण खनिजों पर भी मिशन मोड में काम शुरू किया है। राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के माध्यम से आवश्यक खनिजों के लिए विदेशी देशों पर निर्भरता को कम किया जा रहा है।

देश में जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले भारत समुद्री व्यापार की एक बड़ी शक्ति था, लेकिन गुलामी के बाद दशकों की उपेक्षा के कारण आज देश का 95 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाजों के माध्यम से होता है, जिस पर हर साल छह लाख करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने इस स्थिति से देश को बाहर निकालने के लिए जहाजरानी के क्षेत्र के लिए लगभग 70 हजार करोड़ रुपये के ऐतिहासिक पैकेज की घोषणा की है। बड़े जहाजों को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया गया है और जहाजरानी से संबंधित पुराने कानूनों को भी वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार बदल दिया गया है।

स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब तक 38 लाख करोड़ रुपये से अधिक का फंड, छोटे व्यवसायियों को मिला है। लगभग 12 करोड़ से अधिक ऋण पहली बार स्वरोजगार शुरू करने के लिए दिए गए हैं।

इसी तरह, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंकिंग सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्र

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