
जम्मू जिले में किसी भी सक्रिय आतंकवादी की मौजूदगी नहीं है। एसएसपी
जम्मू जिले में वर्ष 2025 के दौरान सख्त सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के उपाय लगातार लागू रहे। पुलिस ने 541 कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन और 1,093 लंबी दूरी की गश्त की, जबकि जिले में किसी भी सक्रिय आतंकवादी की उपस्थिति नहीं पाई गई। एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 4,134 एफआईआर दर्ज की गईं, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम संख्या है और प्रभावी सुरक्षा पुलिसिंग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष भर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी उपाय पूरी तरह से बनाए रखे गए, जिनमें 541 कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन और 1,093 लंबी दूरी की गश्त शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में 288 मामलों में कमी दर्ज की गई, जिसका कारण सुरक्षा उपाय, पब्लिक सुरक्षा अधिनियम और पीआईटी/एनडीपीएस के तहत नजरबंदी, जमानत का प्रभावी विरोध और बीएनएसएस के तहत प्रारंभिक जांच रहे। इसके अलावा ऑपरेशन संदूर और अचानक आने वाले बाढ़ के दौरान राहत कार्यों में भी पुलिस की महत्वपूर्ण तैनाती रही। एसएसपी के अनुसार पुलिस ने कुल 5,122 मामलों का निपटारा किया, जिनमें 1,968 पुराने और 3,154 नए मामले शामिल हैं, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक निपटान दर है।
संगठित अपराध के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति के तहत पुलिस ने 123 खतरनाक अपराधियों और गैंगस्टरों की पहचान की, उनके खिलाफ 59 एफआईआर दर्ज की गईं, 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 49 अवैध हथियार जब्त किए गए। एक आरोपी को यूएपीए के तहत भी हिरासत में लिया गया। नशीली दवाओं के खिलाफ ऑपरेशन संजीवनी के तहत 204 एनडीपीएस एक्ट मामले दर्ज किए गए, 309 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 48 मामलों में सजा सुनाई गई। पुलिस ने 15 किलोग्राम से अधिक हेरोइन के अलावा गांजा, भांग का भूसा जब्त किया, जबकि चार संपत्तियों को जब्त किया गया और नशीली दवाओं से जुड़ी 23 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
साइबर अपराध के संबंध में 36 एफआईआर दर्ज की गईं, 708 शिकायतों का निपटारा किया गया और 11.9 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रिफंड और लेन-मार्किंग के माध्यम से पीड़ितों को वापस दिलाई गई। इसी तरह 746 चोरी किए गए मोबाइल फोन (मूल्य 1.75 करोड़ रुपये) बरामद कर मालिकों को सौंप दिए गए। एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2025 में लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य की चोरी की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद कर मालिकों को वापस दिलाई गई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक, लगभग 50 प्रतिशत, रिकवरी दर है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष के दौरान 6,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को नए फौजदारी कानून, एनडीपीएस, साइबर अपराध, आतंकवाद विरोधी, शांति और कानून और डिजिटल पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया गया। एसएसपी के अनुसार 2025 में राष्ट्रीय दिवस, यात्राएं, चुनाव और वीवीआईपी दौरे सहित सभी बड़े कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए गए और किसी बड़े शांति और सुरक्षा की घटना की सूचना नहीं मिली।
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