बाढ़ की स्थिति गंभीर, गंडक के बांध टूटने से सारन के नए इलाके पानी में डूब गए
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पटना: (एबीएन) बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार को तट टूटने के बाद गंडक नदी का पानी सारण जिले के और भी क्षेत्रों में फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में खेत, घर और सड़कें पानी में डूब गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, नेपाल और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा नदियों में कई स्थानों पर पानी खतरा चिह्न से ऊपर बह रहा है और वर्तमान में स्थिति में सुधार के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गंडक नदी में तेजी से बढ़ते पानी के कारण सारण, गोपालगंज, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, वैशाली, सुपौल और पटना सहित कई जिलों में तटों पर दबाव बढ़ गया है। कुछ स्थानों पर नदी के बाएँ और दाएँ दोनों तटों पर गंभीर दबाव की स्थिति है। सारण जिले में बाढ़ का पानी और भी क्षेत्रों में फैलने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्रवाई को तेज कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, जिले में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 12 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 7 टीमें तैनात की गई हैं। विभाग ने बताया कि बाढ़ का पानी विभिन्न क्षेत्रों में फैलने के बाद बेगूसराय, गोपालगंज, भागलपुर, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से अतिरिक्त राहत टीमें भी सारण भेजी गई हैं। बाढ़ प्रभावितों तक आवश्यक सामान पहुंचाने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 3,000 से अधिक राशन पैकेट हवाई मार्ग से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि शाम तक 5,000 से अधिक पैकेट पहुंचाने की उम्मीद है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, एनडीआरएफ की 12 टीमों में 360 प्रशिक्षित अधिकारी शामिल हैं, जो 50 से अधिक नावों के माध्यम से राहत और बचाव का काम कर रहे हैं। इसी तरह, एसडीआरएफ की टीमों में 140 से अधिक प्रशिक्षित अधिकारी तैनात हैं और उनके पास 36 से अधिक नावें उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से सारण के लिए राहत सामान भी तेजी से रवाना किया जा रहा है। जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामान की वितरण, लोगों के बचाव और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।