आज़ादी चौक पर आयतुल्लाह अली खामेनई का अंगूठी पहने हाथ का विशाल प्रतिमा स्थापित
Awaz E Bihar••93 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनई के पार्थिव शरीर को ग्रैंड मस्जिद से आजादी चौक तक ले जाया गया, जहां लाखों लोगों ने उनके अंतिम सफर में भाग लिया। विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तेहरान के केंद्र में स्थित आजादी चौक पर खामेनई के अंगूठी पहने हाथ का विशाल प्रतिमा स्थापित किया गया है, जो अल्पावधि में उनके अंतिम संस्कार के दौरान प्रतिरोध का एक नया प्रतीक बनकर उभरा है। शहीद खामेनई के समर्थकों का कहना है कि 28 फरवरी के अमेरिकी और इस्राइली हमले के बाद यही अंगूठी उनकी पहचान का एक प्रमुख प्रतीक बन गई थी। रिपोर्ट के अनुसार यह स्मारक केवल 4 दिनों में तैयार किया गया और इसे राष्ट्रीय स्थिरता, प्रतिरोध और एकता का प्रतीक घोषित किया जा रहा है।
यह स्पष्ट है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के हमले में आयतुल्लाह अली खामेनई के अलावा उनकी बेटी, दामाद, बहू और 14 महीने की पोती भी शहीद हुई थीं, जिनके ताबूत भी जनता के लिए रखे गए हैं। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनई के 7 दिवसीय अंतिम संस्कार की शुरुआत शुक्रवार (3 जुलाई से) तेहरान से हुई, जिसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं जबकि उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए 2 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी की उम्मीद है। प्रतिभागियों ने ईरानी झंडा थाम रखा था, जबकि खामेनई और उनके बेटे व संभावित उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनई की तस्वीरें भी उठा रखी थीं। काले वस्त्र में सजे प्रतिभागियों ने ईरानी झंडे के लाल, सफेद और हरे रंग भी ओढ़ रखे थे और ईरान के समर्थन में नारे लगाए। जन समूह से पहले खामेनई के ताबूत को ईरानी उच्च अधिकारियों और विदेशी हस्तियों के लिए रखा गया, जबकि बाद में इसे शीशे के एक विशेष आवरण में जनता के दर्शन के लिए रखा गया, इसके साथ उनकी बेटी, दामाद, बहू और 14 महीने की पोती के ताबूत भी मौजूद थे।
आज तेहरान में केंद्रीय जनाजे के जुलूस के बाद खामेनई के पार्थिव शरीर को कुम ले जाया जाएगा, जहां मंगलवार को शिया धार्मिक केंद्र में और धार्मिक समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद बुधवार को पार्थिव शरीर को इराक ले जाया जाएगा, जहां नजफ और कербला में धार्मिक रस्में अदा की जाएंगी, बाद में गुरुवार को पार्थिव शरीर को फिर से ईरान वापस लाया जाएगा, जहां माशहद में एक और जनाजे के जुलूस का आयोजन किया जाएगा।