गाजीपुर मामले पर अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज, बयान बदलने से सच नहीं बदलता
Awaz E Bihar••3 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
लखनऊ, समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गाजीपुर के करंडा कटारिया मामले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि बयान बदलने से सच्चाई नहीं बदलती। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश ने ऐसा कमजोर मुख्यमंत्री कभी नहीं देखा जो अत्याचार के शिकार गरीब और बेसहारा पीड़ितों पर दबाव डालकर उनके बयान बदलवाता हो।
अखिलेश यादव ने रविवार को जारी अपने बयान में कहा कि इस मामले में कई गंभीर सवाल अब भी जवाबदेह हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों हुई, बयान क्यों बदलवाए गए, पीड़ित परिवार को और क्यों परेशान किया जा रहा है, पुलिस पर पथराव करने वाले प्रभावशाली तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने से किसने रोका और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल क्यों खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई सबको पता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट कुछ भी कहे, गांव के हर घर को जमीनी हकीकत का पता है। लोग जानते हैं कि वास्तव में क्या हुआ और क्या कहा जा रहा है। इससे गांव के हर वर्ग में भाजपा के कथित झूठ की बात फैल चुकी है और पीडीए समाज में गहरा गुस्सा और नाराजगी है।
अखिलेश यादव ने गाजीपुर की बेटी के हत्या मामले का मुकाबला हाथरस के मामले से करते हुए कहा कि दोनों मामलों में एक बात समान है कि पीड़ित परिवार पीडीए समाज से ताल्लुक रखते थे जबकि पीड़ितों पर अत्याचार करने वाले प्रभावशाली वर्ग से थे। उन्होंने कहा कि महज दिखावे की कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि इस अन्याय का मूल कारण समाज में व्याप्त भेदभाव है। इसीलिए समाजवादी पार्टी सिर्फ न्याय का राज नहीं बल्कि सामाजिक न्याय का राज स्थापित करने की बात करती है, जो सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक न्याय का राज स्थापित करने का पीडीए मिशन आजादी के बाद एक और असली आजादी की लड़ाई है जो लोगों के विचार बदलने की कोशिश करती है। समानता एक एहसास है जो नफरत से नहीं बल्कि खुलूस से पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि जिस दिन शोषण करने वाले और शोषण सहने वाले के बीच फर्क खत्म हो जाएगा और लोग दिल से समानता को स्वीकार कर लेंगे, वही दिन असली आजादी लेकर आएगा। समाजवादी पार्टी इस उद्देश्य के लिए संघर्ष कर रही है और हर हाल में इस लड़ाई को जीतने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे इसमें साल लगें या सदी।