बिहार को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना है
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पटना, 13 जुलाई (एबीएन) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय के 'सम्वाद ऑडिटोरियम' में 'मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म एंड एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब केवल इतिहास और आस्था की धरती नहीं है, बल्कि आधुनिक पर्यटन का एक मजबूत केंद्र बनते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। बिहार को पर्यटन के विश्व मानचित्र पर स्थापित करना है। यह योजना राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी और सामान्य नागरिकों को सस्ती दरों पर हवाई पर्यटन की सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बिहार भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय और प्राचीन मगध साम्राज्य जैसी महान सभ्यताओं और संस्कृतियों का केंद्र रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य इन ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाना और अधिक से अधिक पर्यटकों को बिहार की ओर आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'बिहार हेली टूरिज्म एंड एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' के तहत हेलीकॉप्टर सेवाएं बड़े पर्यटन स्थलों जैसे कि पटना, राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रति टिकट पर सरकारी सब्सिडी इस सुविधा को सामान्य लोगों के लिए सुलभ बनाएगी। 13 जुलाई 2026 से बुकिंग शुरू होगी और 18 जुलाई 2026 से हर सप्ताह और रविवार को नियमित हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित होंगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग से अनुरोध है कि वे एयर टूरिज्म को और विस्तारित करें, इसके लिए निजी हितधारकों को भी इसमें जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन केवल यात्रा का साधन नहीं है, बल्कि रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास का एक मजबूत आधार है। राज्य सरकार होम स्टे, स्थानीय हस्तशिल्प, लोक संस्कृति, स्थानीय भोजन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर हर गांव में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रही है, जिससे युवाओं और स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का हर नागरिक राज्य का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर है। उन्होंने सभी लोगों से अनुरोध किया कि वे अपने व्यवहार, मेहमाननवाजी और बिहार की समृद्ध संस्कृति, विरासत और पर्यटन स्थलों का सकारात्मक प्रचार करें। जब बिहार का हर नागरिक पर्यटन का दूत बनेगा, तो राज्य की पहचान देश और दुनिया में और मजबूत होगी और पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पर्यटन के बुनियादी ढांचे को विश्व स्तरीय बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। नए पर्यटन सर्किट तैयार किए जा रहे हैं। पटना में दो बड़े होटल बनाए जा रहे हैं, जिससे अच्छी रॉयल्टी मिलने वाली है। भगवान बुद्ध से जुड़े स्थल राजगीर और बोधगया, भगवान महावीर से जुड़े लच्छुआर और वैशाली, सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ, मां मुंडेश्वरी माता का मंदिर सहित हमारी संस्कृति को देश और दुनिया को दिखाना है। बिहार दर्शन कराना है। बिहार संग्रहालय देश का सबसे अच्छा संग्रहालय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे देखा है। बाहर से आने वाले लोग बापू टावर को भी देखते हैं और इसकी प्रशंसा करते हैं। देश के किसी अन्य राज्य में बिहार जितनी अच्छी ग्रामीण सड़कें नहीं हैं। हमारे गांव सड़कों, बिजली और पानी सहित बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित हैं। सोनपुर में जेपी गंगा पथ से बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक एक रोपवे का विचार किया जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'समृद्ध बिहार' के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म एंड एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी और बिहार को देश की एक प्रमुख पर्यटन राज्य की श्रेणी में खड़ा करने के साथ-साथ रोजगार, निवेश और समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगी। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने बिहार पर्यटन नीति 2023 के तहत हितधारकों को डमी चेक और मुख्यमंत्री होम स्टे प्रमोशन योजना के तहत विभिन्न लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।