कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सच का सामना करने से डरती है और पिछले 12 वर्षों में उसने लोकतंत्र का आईना माने जाने वाले विपक्ष और मीडिया की आवाज को दबाने का काम किया है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोदी देश में आर्थिक संकट के लिए वैश्विक युद्धों को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन सच यह है कि देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रही थी और कांग्रेस लगातार इसकी चेतावनी देती रही है। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में विपक्ष और मीडिया वह आईना होते हैं, जो सत्ता को सचाई दिखाते हैं, लेकिन सच से डरने वाली मोदी सरकार इस आईने को तोड़ने का काम कर रही है। झूठ आईने से डरता है।" श्री खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की, क्योंकि उन्हें डर है कि मीडिया उनसे कठिन प्रश्न पूछ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश को सलाह देकर विदेश दौरे पर चले जाते हैं और इसके पहले लंबे रोड शो करते हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई नेता सार्वजनिक परिवहन या बाइक पर चलने का प्रदर्शन करते हैं, जबकि पीछे उनकी गाड़ियों का पूरा काफिला चलता है। कांग्रेस नेता ने महंगाई के मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि वर्ष 2014 में 414 रुपये में मिलने वाला एलपीजी सिलेंडर अब 915 रुपये का हो गया है, जो 121 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक सिलेंडर काले बाजार में बेचा जा रहा है, बाहर खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ चुकी हैं और दूध तथा ब्रेड जैसी आवश्यक चीजें भी महंगी हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रुपया लगातार कमजोर होकर 97 के स्तर तक पहुंच गया है और सरकार जनता को वास्तविक आंकड़ों से दूर रख रही है। उन्होंने कहा कि मोदी पहले 60 दिन, फिर 60 महीने मांगते रहे और अब वर्ष 2047 तक का समय मांग रहे हैं, लेकिन बीच के आर्थिक आंकड़ों पर जवाब नहीं देते। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 38 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के शासनकाल में कच्चे तेल की कीमतें अधिक होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें नियंत्रण में रहीं, जबकि वर्तमान सरकार में कम कच्चे तेल की कीमतों के बावजूद ईंधन महंगा बेचा गया। श्री खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार की जिम्मेदारी जनता की परेशानियों को कम करना है, लेकिन मोदी सरकार लोगों की समस्याएं बढ़ाने का काम कर रही है।