इज़राइली परमाणु सुविधा पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, एयर डिफेंस सिस्टम तबाह
Awaz E Bihar••1 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
इज़राइल पर ईरान के हालिया मिसाइल हमलों में कम से कम 90 लोग घायल हो गए। इज़राइली अधिकारियों ने स्वीकार किया कि ईरान ने दक्षिण इज़राइल में दो स्थानों पर हमले किए। इज़राइली मिसाइल रक्षा प्रणाली इन हमलों को रोकने में असफल रही। इन हमलों का लक्ष्य इज़राइल का केंद्रीय परमाणु अनुसंधान केंद्र था। अल जज़ीरा और सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी मीज़ान ने कहा कि ईरान ने इज़राइल के डिमोना पर हमला करके नतन्ज़ (ईरान के केंद्रीय परमाणु संवर्धन सुविधा) पर किए गए हमले का बदला लिया है। मीज़ान ने कहा कि इस सुविधा में किसी भी प्रकार का विकिरण उत्सर्जन नहीं हुआ है। यह केंद्र तेहरान से लगभग 135 मील दक्षिण में स्थित है। इज़राइल की आपातकालीन सहायता एजेंसी 'मगेन डेविड एडोम' का कहना है कि रविवार की सुबह (स्थानीय समय) दक्षिणी इज़राइली शहर अराद पर ईरानी हमले में कम से कम 59 लोग घायल हुए हैं। क्षेत्र के अस्पतालों में लाए गए 59 लोगों में से छह की स्थिति गंभीर है। मगेन डेविड एडोम की टीमें मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं। डिमोना और अराद इज़राइल के केंद्रीय परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास स्थित हैं। डिमोना पर हमले में कम से कम 31 लोग घायल हुए हैं। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार की सुबह कहा कि हमारी सेना मध्य पूर्व में युद्ध से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के लिए यह बहुत कठिन समय है। नेतन्याहू ने अराद पर हमले के बाद वहां के मेयर से बात की। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'हम सभी मोर्चों पर अपने दुश्मनों पर हमले जारी रखने के लिए दृढ़ हैं।' इन शहरों पर हुए हमलों का मुख्य उद्देश्य डिमोना के पास स्थित 'शिमोन पेरेज़ नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर' को निशाना बनाना था। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई इज़राइल द्वारा नतन्ज़ परमाणु केंद्र पर किए गए हमले के जवाब में की गई है। ईरान के इन मिसाइल हमलों में दो बच्चों सहित 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इज़राइली मीडिया के अनुसार, देश का आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में असफल रहा, जिसकी अब उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। यह स्पष्ट है कि डिमोना और अराद शहर नेगेव रेगिस्तान में स्थित हैं और इज़राइल के संवेदनशील ढांचे का हिस्सा हैं। डिमोना को विश्व स्तर पर इज़राइल के संदिग्ध परमाणु हथियार कार्यक्रम के केंद्र के रूप में जाना जाता है। अराद शहर कई महत्वपूर्ण इज़राइली रक्षा अड्डों के पास स्थित है और परमाणु केंद्र में काम करने वाले कर्मचारियों का निवास स्थान भी है। ईरान ने इन दोनों शहरों को इसलिए चुना, क्योंकि वे परमाणु बुनियादी ढांचे और सैन्य आपूर्ति की एक साझा कड़ी बनाते हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस स्थिति को 'भविष्य की मुहिम की एक बहुत कठिन शाम' करार दिया है। उन्होंने और आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने संकल्प व्यक्त किया है कि इज़राइल सभी मोर्चों पर अपने दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से लड़ाई जारी रखेगा। श्री नेतन्याहू ने प्रभावित शहरों के मेयरों से बात कर उन्हें सुरक्षा और प्रतिकार कार्रवाई की आश्वस्ति दी है। दूसरी ओर, इज़राइल ने तेहरान के विभिन्न क्षेत्रों पर ताज़ा हमले किए, जिनमें शहर के पूर्वी हिस्से में विस्फोटों की खबरें सामने आईं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाया गया। ईरान ने प्रतिक्रिया में इज़राइल और क्षेत्र के अन्य देशों पर मिसाइल हमले जारी रखे। इज़राइली शहरों दिमोना और अराद में ईरानी मिसाइल हमलों के परिणामस्वरूप लगभग 100 लोग घायल हुए। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया गया तो वह मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल से जुड़ी सभी ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाएगा। ईरानी अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने तेहरान के आसमान में एक अमेरिकी-इज़राइली ड्रोन को मार गिराया, जबकि पासدارान इन्कलाब ने एक इज़राइली लड़ाका विमान गिराने का भी दावा किया, जिसकी इज़राइल ने पुष्टि नहीं की। ईरान के परमाणु संगठन के अनुसार, नतन्ज़ में परमाणु सुविधाओं को अमेरिका और इज़राइल ने निशाना बनाया, हालांकि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि किसी प्रकार के विकिरण उत्सर्जन के साक्ष्य नहीं मिले हैं। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से अब तक 1500 से अधिक लोग मारे गए और 20,000 से अधिक घायल हो चुके हैं, जबकि कई अस्पतालों को भी खाली कराना पड़ा। खाड़ी देशों में भी स्थिति तनावपूर्ण है।