धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आने वाले शरणार्थियों की नागरिकता सुरक्षित रहेगी: प्रधानमंत्री मोदी
Awaz E Bihar••3 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आने वाले शरणार्थियों की नागरिकता सुरक्षित रहेगी और उन्हें इस संबंध में चिंतित होने की जरूरत नहीं है। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान नदिया जिले के कृष्णनगर में एक जनसभा से शरणार्थी समुदायों को नागरिकता के संरक्षण का आश्वासन दिया और महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनने के बाद नागरिकता संशोधन प्रक्रिया को तेज किया जाएगा ताकि पात्र व्यक्तियों को सभी अधिकार और सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने विशेष रूप से माटुआ और नामशूद्र समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समुदायों को घबराने की जरूरत नहीं है और सरकार उनके अधिकारों का संरक्षण करेगी। उन्होंने कहा, "मैं यहां एक वादा करने आया हूं। किसी भी शरणार्थी परिवार को तृणमूल से डरने की जरूरत नहीं है, चाहे वह माटुआ परिवार हो या नामशूद्र परिवार। जो लोग धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हैं, मोदी उनके साथ हैं। राज्य में बीजेपी सरकार आने के बाद सीएए की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। आपको वह सभी दस्तावेज और सुविधाएं मिलेंगी जिनके आप एक भारतीय नागरिक के रूप में हकदार हैं।" पीएम मोदी ने महिलाओं के मुद्दों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं के दायरे को बढ़ाते हुए दस गारंटियों की घोषणा की, जिनमें पुलिस बल में महिलाओं की भर्ती में वृद्धि, "मातृ शक्ति भروسा कार्ड" के तहत 36,000 रुपये की सहायता, महिलाओं के शिक्षा के लिए 50,000 रुपये और गर्भवती महिलाओं के लिए 21,000 रुपये की मदद शामिल है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने पर बच्चों के लिए 36,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ताकि उन्हें उचित पोषण मिल सके। पीएम मोदी ने स्वनिधि समृद्धि योजना, मुद्रा लोन, आयुष्मान भारत और पीएम आवास योजना के दायरे को बढ़ाने का भी वादा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावी माहौल को अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण बताते हुए चुनाव आयोग की भूमिका की प्रशंसा की और कहा कि चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बहाल हुआ है। उन्होंने कहा, "पिछले 50 वर्षों में यह ऐसा चुनाव है जिसमें हिंसा नहीं होने के बराबर है। पहले हत्याएं होती थीं और उन्हें आत्महत्या करार दिया जाता था। अब तक मुझे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार यह चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। मैं चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए भारत के चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं।" उन्होंने कहा कि जहां भी मतदान का प्रतिशत अधिक होता है वहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को फायदा मिलता है और पश्चिम बंगाल में भी ऐसा ही परिणाम देखने को मिलेगा। पीएम मोदी ने अब वायरल हो चुके झालमुड़ी वाले किस्से का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि झालमुड़ी ने कुछ लोगों को झटका दिया है। मैंने तो झालमुड़ी खाई थी लेकिन 'झाल' (तीखापन) तृणमूल को लगा।" जनसभा के दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि जनता से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा, "उन्होंने मॉडल स्कूलों का वादा किया था लेकिन हजारों स्कूल बंद पड़े हैं। उन्होंने नल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन आपके घरों तक गंदे नाले का पानी पहुंच रहा है। उन्होंने लाखों छोटे और मध्यम दर्जे के व्यवसाय का वादा किया था लेकिन हजारों बंद हो चुके हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग जनता के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं उन्हें जवाब देना होगा और राज्य में जवाबदेही को सुनिश्चित किया जाएगा।