पेपर लीक पर राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
Awaz E Bihar••3 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले पर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया और कार्यवाही नहीं चलने दी, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पांच बार के स्थगन के बाद दोपहर ढाई बजे दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। पांच बार स्थगन के बाद जब छठी बार कार्यवाही शुरू हुई, तो उपसभापति हरिवंश ने पेपर लीक के मामले पर सभापति के निकट शोर-शराबा करने वाले विपक्षी सदस्यों से सदन को चलने देने की अपील करते हुए कहा कि वे एजेंडे के अनुसार सदन को चलने दें। उन्होंने कहा कि सुबह से सदन में कोई काम नहीं हुआ है, कृपया सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर चले जाएं और सदन को चलने दें। उन्होंने कहा, "मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि आप सदन चलाने के लिए माहौल बनाएं। यह उच्च सदन है, इसकी गरिमा को बनाए रखें और नियमों का पालन करें।" सदस्यों पर उनकी अपील का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और वे नारेबाजी करते रहे, जिसे देखते हुए उपसभापति ने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले भी इसी मामले पर कार्यवाही पांच बार स्थगित करनी पड़ी थी। विपक्ष ने सुबह से ही पेपर लीक मामले और इसके खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों और अन्य कार्यकर्ताओं पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाने की मुहिम शुरू कर दी थी। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सुबह आवश्यक विधायी दस्तावेजों को सदन की मेज पर रखे जाने और अन्य विधायी कार्यों के बाद नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी बात रखने का मौका दिया। श्री खड़गे ने कहा कि नीट यूजी पेपर घोटाला छात्रों का मामला है और इससे लाखों बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हजारों छात्र आए हैं लेकिन वहां लाठीचार्ज किया गया है। उन्होंने कहा, "सरकार मारने की कोशिश कर रही है। सरकार कुचलने की कोशिश कर रही है।" श्री खड़गे के इतना कहते ही सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी। विपक्षी सदस्यों ने इस मामले पर जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया लेकिन तब तक सभापति ने कार्यवाही स्थगित करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही इसी मुद्दे पर दूसरी बार साढ़े बारह बजे तक, तीसरी बार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक, चौथी बार दोपहर दो बजे तक और पांचवीं बार ढाई बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इस तरह मानसून सत्र के पहले दिन कोई विधायी कार्य नहीं हो सका और पूरी कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति ने नौ नवनिर्वाचित सदस्यों को सदन की सदस्यता का शपथ दिलाया। सदन ने दिवंगत सदस्यों और कतर के पूर्व अमीर के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा।