गंगा में पानी घटने के संकेत, पुनपन और बागमती में बाढ़ बरकरार
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पटना, 14 सितंबर (एबीएन) बिहार में गंगा समेत कई महत्वपूर्ण नदियों का जलस्तर सोमवार सुबह तक खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है, हालांकि, गंगा के अधिकांश घाटों और जल मापक केंद्रों पर जलस्तर दर्ज किया गया है, जबकि पोन पोन और बागमती में बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है. घाट पर 49.61 मीटर, हाथीदा में 42.82 मीटर, मोंगेर में 39.38 मीटर, भागलपुर में 34.18 मीटर और कहल गांव में 32.49 मीटर, इन सभी जगहों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. यह संतोष की बात है कि इन महत्वपूर्ण केन्द्रों पर गंगा के जलस्तर में गिरावट का सिलसिला जारी है। पटना के दीघा में नदी खतरे के निशान 50.45 मीटर से 0.36 मीटर ऊपर है, जबकि गांधी घाट पर खतरे के निशान 48.60 मीटर से 1.01 मीटर, हटिडा में 41.76 मीटर से 1.06 मीटर, मोंगर में 39.33 मीटर से 0.05 मीटर, भागलपुर में 33.68 मीटर से 0.50 मीटर और कहल गांव में 0.50 मीटर ऊपर है. 31.09 मीटर से 1.40 मीटर ऊपर। फरका में भी गंगा 23.80 मीटर पर है, जो खतरे के निशान 22.25 मीटर से 1.55 मीटर ऊपर है. पटना शहर और आसपास के घाटों की स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है. बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायता केंद्र के छह बजे के आंकड़ों में गांधी घाट पर गंगा 49.61 मीटर, दीघा घाट पर 50.81 मीटर, बंका घाट पर 48.59 मीटर और पिंडारक पर 43.08 मीटर दर्ज की गयी. गांधी घाट, दीघा घाट और बंका घाट समेत कई केंद्रों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर है. हटिडा में 42.82 मीटर, मोंगेर में 39.38 मीटर, सुल्तानगंज में 36.21 मीटर, भागलपुर में 34.18 मीटर, कहल गांव में 32.49 मीटर और साहिबगंज में 28.63 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया. बक्सर केंद्र पर गंगा का जलस्तर 59.42 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 60.32 मीटर से 0.90 मीटर नीचे, लेकिन चेतावनी स्तर से ऊपर है. वाराणसी में जलस्तर 68.47 मीटर और प्रयागराज में 80.01 मीटर दर्ज किया गया, जहां जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है. विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गंगा के इन दोनों ऊपरी इलाकों में पानी घटने का रुख है, जो आने वाले दिनों के लिए अच्छा संकेत है.