केंद्र सरकार बिहार में बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान का आकलन कर सहायता प्रदान करे: तेजस्वी
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पटना, 14 सितंबर (एबीएन) बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा कि बिहार में बाढ़ से 4.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. श्री यादव ने कहा कि जब भी गुजरात में बारिश और बाढ़ की स्थिति होती है, तो प्रधान मंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री जुट जाते हैं और राज्य सरकार से स्थिति की जानकारी लेते हैं और राहत और बचाव के लिए विभिन्न एजेंसियों को तैनात किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस साल 23 जुलाई को जब गुजरात में बारिश के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई, तब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्री अमित शाह ने वहां के मुख्यमंत्री से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्थिति की जानकारी ली और वायुसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को अलर्ट रहने को कहा. राजद नेता ने कहा कि कुछ साल पहले जब गुजरात में बाढ़ आई थी तो प्रधानमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण किया था और 500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज दिया था. उन्होंने कहा कि सेना, वायुसेना और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं और प्रभावित लोगों को दो-दो लाख रुपये की सहायता दी गयी है. श्री यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ से 50 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है, हजारों मवेशी लापता हैं और हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि करीब 4.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार से अभी तक उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को बिहार में बाढ़ की स्थिति पर राज्य सरकार से चर्चा करनी चाहिए और राहत कार्यों के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करनी चाहिए. राजद नेता ने कहा कि बिहार में भी हर साल बिजली गिरने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है, लेकिन इसे राष्ट्रीय आपदा के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है और केंद्र सरकार द्वारा मुआवजा नहीं दिया जाता है. उन्होंने कहा कि गुजरात में बारिश के कारण लोगों की मौत होने पर केंद्र की ओर से सहायता दी जाती है. विपक्ष के नेता ने कहा कि पहले जब बिहार में आपदा की स्थिति पैदा हुई तो विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर राज्य के अधिकारों और हितों के लिए केंद्र सरकार के समक्ष एकजुट हुए. उन्होंने कहा कि फिलहाल बिहार में 30 सांसद और आठ केंद्रीय मंत्री हैं और उन्हें राज्य की समस्याओं को केंद्र के सामने उठाना चाहिए. श्री यादव ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भी वे बाढ़ की स्थिति को लेकर पहले दिन से केंद्र सरकार से मदद की मांग कर रहे हैं और प्रधानमंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र से कोई पैकेज मिलता है तो इससे बिहार सरकार और बिहार की जनता को फायदा होगा, इसलिए केंद्र सरकार से सहायता मांगने में उनका कोई निजी हित नहीं है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वे बिहार और बिहार की जनता के हितों के लिए आवाज उठाते रहेंगे. श्री यादव ने कहा कि बिहार हमेशा केंद्र सरकार के समक्ष अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ा रहा है और राज्य के हित से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठने का प्रयास किया जाना चाहिए.