संयुक्त बैठक अच्छे माहौल में हुई, संसद चलाने में विपक्ष से सहयोग की अपील: रज्जू
Awaz E Bihar••2 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को यहां आयोजित सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि उनके सभी मुद्दों पर चर्चा कराई जाएगी और सत्र के दौरान लाए जाने वाले विधेयकों की जानकारी भी विपक्षी दलों को पहले से दी जाएगी। लगभग तीन घंटे तक चली बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं को बताया कि सर्वदलीय बैठक अच्छे और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें सभी राजनीतिक दलों ने अपने सुझाव और विचार रखे। सरकार ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना है और उन पर विचार किया है। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में हर पार्टी को अपनी बात रखने की पूरी आजादी है और सरकार चाहती है कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चले। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। मानसून सत्र के लिए फिलहाल आठ विधेयकों को सूचीबद्ध किया गया है और यदि कोई अतिरिक्त विधायी कार्य होगा तो संसदीय परंपरा के अनुसार उसकी जानकारी भी पहले से राजनीतिक दलों को दे दी जाएगी। उनका कहना था कि संसद की कार्यवाही में खलल डालने से किसी को राजनीतिक फायदा नहीं मिलता, बल्कि लोकतंत्र प्रभावित होता है और जनता का समय और पैसा बर्बाद होता है। तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए 20 सांसदों को सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित करने पर विपक्ष के वॉकआउट से संबंधित सवाल पर जोशी ने कहा कि इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है, जिस पर विचार किया जा रहा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि किसी भी सांसद को उसके अधिकारों से वंचित न किया जाए और इसीलिए सभी सांसदों को बैठक में आमंत्रित किया गया। सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान कुछ दलों के नेताओं के बीच आपसी सवाल-जवाब भी हुए। बैठक के दौरान जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के हालात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैदा नहीं किए हैं, लेकिन संकट के समय उनकी नेतृत्व और प्रबंधन की सराहना की जा रही है। इस पर सीपीआई (एम) के सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि पश्चिम एशिया के वर्तमान हालात प्रधानमंत्री के एक मित्र की वजह से बने हैं। बैठक के बाद एनसीपी के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि उनकी पार्टी को चुनाव आयोग से मान्यता देने का अनुरोध किया गया है और इसके संबंध में पत्र लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि सदन में राजनीतिक दलों को उनकी वास्तविक संख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और विपक्ष को भी उचित अवसर दिए जाने चाहिए। यह स्पष्ट है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। चार हफ्तों तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित की गई हैं, जिसमें आठ विधेयक पेश किए जाने की संभावना है।