आगामी पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का वादा : अमित शाह
Awaz E Bihar••3 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की गई है। श्री शाह ने इस घोषणा पत्र को "संकल्प पत्र" नाम दिया। उन्होंने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है तो राज्य में एक मजबूत, काबिल और योग्य मुख्यमंत्री की नियुक्ति की जाएगी और मुख्यमंत्री बंगाल का ही होगा। इसके साथ ही घोषणा पत्र में कुरमाली और राजबोंग्शी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की पहल का वादा भी किया गया है।
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि बीजेपी राज्य में मजबूत स्थानीय नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और विश्वास का युग लाने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बंगाल का ही होगा और केंद्र के साथ बेहतर तालमेल के साथ काम करेगा। बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के लक्ष्य के साथ अपने संकल्प पत्र में रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास पर आधारित एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया है।
पार्टी ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने का वादा किया है। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को प्रति माह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपये की स्कॉलरशिप देने की घोषणा भी की गई है।
महिलाओं के लिए प्रति माह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता, सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण, महिला पुलिस बटालियन और दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड की स्थापना का वादा किया गया है। गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की भी घोषणा की गई है।
घोषणा पत्र में किसानों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें धान, आलू और आम की खेती को बढ़ावा देने के साथ मछुआरों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से जोड़ने का वादा किया गया है ताकि बंगाल को एक बड़ा मछली उत्पादक राज्य बनाया जा सके।
बीजेपी ने ताजपुर और कल्पी में गहरे समुद्र के बंदरगाहों के निर्माण, सिंगुर में औद्योगिक पार्क स्थापित करने और बंद पड़ी जूट मिलों को पुनः शुरू करने की योजना भी प्रस्तुत की है जिससे रोजगार के नए अवसर प्रदान करने का लक्ष्य है।
घोषणा पत्र में आयुष्मान भारत सहित सभी केंद्रीय योजनाओं को राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने, निशुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करने का वादा किया गया है। इसके अलावा सातवें वेतन आयोग को 45 दिनों के भीतर लागू करने और केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता देने की बात भी कही गई है।
बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में उत्तरी बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान स्थापित करने, दार्जिलिंग की चाय उद्योग को बढ़ावा देने और वंदे मातरम संग्रहालय बनाने की प्रस्ताव भी प्रस्तुत की है। साथ ही कुरमाली और राजबोंग्शी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की पहल का वादा दोहराया गया है।