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बीमारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है: गवर्नर
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बीमारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है: गवर्नर

Awaz E Bihar
•4 अक्टूबर 2026 को 07:16 pm बजे•2 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें

पटन, 4 अक्टूबर (एबीएन) – गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अतै हसनिन ने कहा है कि किसी भी बीमारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार सार्वजनिक जागरूकता है।

गवर्नर ने यह बात महावीर कैंसर इंस्टीट्यूट और रोबर्ट क्लब पटन मिलेनियम के संयुक्त रूप से आयोजित कैंसर और टीबी से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम से संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम का उद्घाटन भी गवर्नर ने किया। इस अवसर पर श्री महावीर संस्था नायस समिति के सचिव स्यान कनाल, अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर एलबी सिंह, रोबर्ट की अना नारंग, राजेश कुमार सहित अन्य व्यक्तियों मौजूद थे।

गवर्नर ने कहा कि रोगियों का इलाज करते समय जाति, धर्म या किसी भी प्रकार के भेदभाव को बायाँ रखकर उन्हें केवल भारतीय समझकर सेवा के जज़्बे से इलाज किया जाना चाहिए। उन्होंने महावीर कैंसर इंस्टीट्यूट की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि संस्था गरीब और कैंसर रोगियों को कम खर्च में बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान कर रही है, जबकि कैंसर से प्रभावित बच्चों के मुफ्त इलाज का भी प्रबंध है।

उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में कई रोगियों की जान चली जाती है या उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है। विशेष रूप से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के संदर्भ में विशेष जागरूकता की आवश्यकता है। समय पर जांच और बीमारी की निदान से इलाज के संभावनाएँ बेहतर होती हैं, इसलिए लोगों को अपनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और समय-समय पर आवश्यक चिकित्सा जांच करानी चाहिए।

महावीर संस्था नायस समिति के सचिव स्यान कनाल ने कहा कि जब बहार की बड़ी संख्या में कैंसर रोगी इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने लगे तो उनके पिता आचार्य देश क़नाल ने राज्य के रोगियों की सुविधा के लिए महावीर कैंसर अस्पताल स्थापित कराया। उन्होंने बताया कि कैंसर से प्रभावित बच्चों के लिए अलग से 100 बिस्तरों पर सम्‍मिलित अस्पताल बनाया जा रहा है। वर्तमान कैंसर अस्पताल में भी आगे 100 बिस्तरों का जोड़ किया जा रहा है और जल्द ही यहाँ 800 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

स्यान कनाल ने कहा कि महावीर मंदिर की ओर से अस्पताल के अलावा भी कई कल्याणकारी सेवाएँ लगातार संचालित की जा रही हैं। एयोध्या में राम रसुई, सीतामढ़ी में सीता रसुई, गिया में विष्णु रसुई और महावीर मंदिर में महावीर रसुई के माध्यम से ज़रूरतमंदों को खाना प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एयोध्या में रोज़ाना लगभग 10 से 12 हजार व्यक्तियों के लिए मुफ्त खाने का प्रबंध किया जाता है।

उन्होंने आगे बताया कि कैथोलिया में 120 एकड़ क्षेत्र पर दुनिया के सबसे बड़े वीरात रामायण मंदिर की निर्माण कार्य जारी है, जहाँ 33 फीट ऊँचा शीलिंग भी स्थापित किया जा चुका है।

महावीर कैंसर इंस्टीट्यूट के सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर एलबी सिंह ने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है।” उन्होंने कहा कि आचार्य देश क़नाल के सेवाओं के विरासत को आगे बढ़ाना आसान काम नहीं, फिर भी महावीर कैंसर इंस्टीट्यूट बहार के कैंसर रोगियों के लिए आशा की एक किरण बन चुका है।

उन्होंने बताया कि अस्पताल का स्थापना 12 दिसंबर 1998 को कार्यान्वित हुआ था और तब से अब तक लाखों रोगियों का इलाज किया जा चुका है। उनके अनुसार कैंसर राज्य के लिए एक बड़ा चुनौती है। दुनिया भर में हर वर्ष लगभग दो करोड़ व्यक्तियों को कैंसर से प्रभावित होते हैं, जबकि देश में हर वर्ष लगभग 20 लाख नए रोगी सामने आते हैं।

और इनमें 9 से 10 लाख रोगियों की मृत्यु हो जाती है। डॉक्टर सिंह ने कहा कि भविष्य में लगभग हर नौ व्यक्तियों में से एक व्यक्ति के कैंसर से प्रभावित होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से 30 से 40 प्रतिशत कैंसर रोगियों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि कैंसर के रोगी टीबी और टीबी के रोगी कैंसर से भी प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए दोनों रोगों के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

महावीर कैंसर इंस्टीट्यूट की मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर मनिश सिंह ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की समय पर निदान और इलाज की स्थिति में इसे पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है।
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