काल्पनिक दस्तावेज़ों पर सख्ती, टेंडर में पारदर्शिता अनिवार्य: मंत्री नीतिश मिश्रा
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पटना: शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने टेंडर प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी टेंडर को अंतिम रूप देने से पहले बोलीदाओं द्वारा जमा की गईं सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की गहन जांच और सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पारदर्शी, जवाबदेह और बेहतर शासन के विजन के अनुरूप विभाग में टेंडर प्रणाली को और भी पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि टेंडर के अंतिम निर्णय से पहले दस्तावेज़ों की पूर्ण जांच की जाए, ताकि बाद में किसी प्रकार की शिकायत या अनियमितता की गुंजाइश न बचे। नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि टेंडर के बाद किसी बोलीदाए के विरुद्ध शिकायत प्राप्त होती है और जांच में उसके जमा किए गए दस्तावेज़ नकली पाए जाते हैं, तो संबंधित बोलीदाए के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आगे कहा कि केवल ठेकेदार या बोलीदाए के विरुद्ध कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। टेंडर प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और इंजीनियरों की भूमिका की भी जांच की जाए। यदि दस्तावेज़ों के सत्यापन या टेंडर के निपटान में किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसा प्रणाली बनाया जाए जिसमें टेंडर को अंतिम रूप देने से पहले ही सभी दस्तावेज़ों का पूर्ण सत्यापन हो जाए। उन्होंने कहा कि टेंडर के हर चरण में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि नकली दस्तावेज़ों, अनियमितताओं और शिकायतों की संभावनाओं को समाप्त किया जा सके।