अमानक बीज, खाद और कृषि दवाओं पर नकेल कसी जाएगी : विजय कुमार सिन्हा
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पटना, 31 जुलाई (एबीएन): बिहार सरकार ने किसानों को मानक बीज, उर्वरक और कृषि दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गैर-मानक कृषि इनपुट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा और कम गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक या कीटनाशक दवाएं तैयार करने या बेचने वाली कंपनियों और दुकानदारों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को पटना के रसायन भवन में स्थित गुण नियंत्रण और बीज विश्लेषण प्रयोगशाला के विस्तृत निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने प्रयोगशालाओं के प्रदर्शन, आधुनिक उपकरण, परीक्षण की प्रक्रिया, कार्यबल और परीक्षण के मानकों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक नमूने की जांच पूरी पारदर्शिता, वैज्ञानिक सिद्धांतों और कानूनी आवश्यकताओं के अनुसार की जाए ताकि किसानों तक केवल मानक कृषि इनपुट ही पहुंच सकें। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि इनपुट की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रयोगशालाओं को आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस करने, आधुनिक मशीनरी प्रदान करने और परीक्षण क्षमता में वृद्धि के लिए तत्काल योजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बायोस्टिमुलेंट परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना के लिए बुनियादी ढांचे, आधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ कार्यबल और वित्तीय संसाधनों पर आधारित विस्तृत प्रस्ताव जल्द से जल्द प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कृषि विश्वविद्यालयों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों की सेवाएं प्राप्त की जाएंगी ताकि अनुसंधान और परीक्षण प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुसार बनाया जा सके। विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशालाओं में प्रत्येक माह नियमित रूप से समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, कार्य की गति पर निरंतर नजर रखी जाए और उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का समय पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन महीनों के भीतर प्रयोगशालाओं के प्रदर्शन, परीक्षण के मानक और प्रशासनिक प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार दिखना चाहिए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के खरीफ सीजन के लिए 20 हजार बीजों के नमूनों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 11 हजार 236 नमूने इकट्ठा कर उन्हें जांच पूरी कर ली गई है, जिनमें 162 नमूने गैर-मानक पाए गए। ऐसे सभी बीजों की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है और संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कृषि मंत्री ने जैविक, जैववैज्ञानिक और गैर-जैविक उर्वरकों के अलावा कीटनाशक दवाओं और जैविक कृषि दवाओं के नमूनों की जांच का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी नमूनों की जांच निर्धारित अवधि में पूरी की जाए, जबकि जिन जिलों से कम संख्या में नमूने प्राप्त हो रहे हैं वहां के प्रदर्शन का विशेष जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नमूनों के संग्रह और जांच की पूरी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की गुंजाइश न रहे। विजय कुमार सिन्हा ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल पर्यावरण का संरक्षण संभव होगा बल्कि खेती की लागत में कमी आएगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी और क्रियान्वयन योग्य रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया। अपने संबोधन के अंत में कृषि मंत्री ने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य और किसानों की बढ़ती अपेक्षाओं के मद्देनजर अब केवल 'जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान' का नारा पर्याप्त नहीं है, बल्कि 'जय अनुसंधान' को भी राष्ट्रीय संकल्प का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक प्रयोगशालाओं में मानक अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा, तब तक खेतों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी नहीं पहुंच पाएंगी। मजबूत अनुसंधान ही समृद्ध किसान, मजबूत कृषि अर्थव्यवस्था और विकसित भारत का आधार है।