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आधिकारिक रिकॉर्ड को डिजिटल किया जाएगा, नागरिकों को डिजिटल प्रतियां मिलेंगी: डॉ दिलीप जयसवाल
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आधिकारिक रिकॉर्ड को डिजिटल किया जाएगा, नागरिकों को डिजिटल प्रतियां मिलेंगी: डॉ दिलीप जयसवाल

Awaz E Bihar•29 सितंबर 2026 को 07:39 pm बजे•11 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

पटना, 29 सितंबर (एबीएन) राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन व्यवस्था को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाने के लिए बड़ी पहल की है। मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में हुई बैठक में पटना, गया, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सहार साहा के भूमि अधिग्रहण प्राधिकारों को राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) से जोड़ने और उनके सभी रिकॉर्ड को डिजिटल करने का निर्णय लिया गया.
बैठक में मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग के सभी राजस्व न्यायालय राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली के तहत कार्य कर रहे हैं. भूमि अधिग्रहण, पुनर्स्थापन एवं पुनस्र्थापन प्राधिकरणों की कार्यवाही भी इसी प्रणाली के अनुसार सुनिश्चित की जायेगी। इससे मुकदमों की सुनवाई, अभिलेखों का रख-रखाव और मुकदमों की प्रगति की निगरानी अधिक व्यवस्थित और डिजिटल हो जायेगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री ने कहा कि विभाग के दस्तावेजों को डिजिटल करने का कार्य प्रगति पर है. इस संबंध में, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्वास प्राधिकरणों के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड भी जल्द ही डिजिटल किए जाएंगे। इसके बाद नागरिकों को प्राधिकरण से संबंधित आवश्यक अभिलेखों की डिजिटल प्रतियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली का उद्देश्य मामलों की कार्यवाही में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को सुविधा प्रदान करना है।
राजस्व मंत्री ने छह प्राधिकरणों के कामकाज और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि लंबे समय से रिक्तियों के कारण प्राधिकरणों में बड़ी संख्या में मामले जमा हो गए हैं। अब पदस्थापन के बाद पीठासीन अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए सप्ताह में छह कार्य दिवस उपस्थित रहना होगा। बैठक के दौरान पटना के पीठासीन पदाधिकारी श्री हेमन्त कुमार त्रिपाठी, गया के पीठासीन पदाधिकारी श्री विनोद कुमार तिवारी, सारण के पीठासीन पदाधिकारी श्री सम्पूर्णानन्द तिवारी, मुजफ्फरपुर के पीठासीन पदाधिकारी श्री अली अहमद, दरभंगा के पीठासीन पदाधिकारी श्री देवराज त्रिपाठी एवं सहरसा के पीठासीन पदाधिकारी श्री हशमुद्दीन अनीस उपस्थित थे।
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