मुख्यमंत्री सुमित चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस पर बिहार की जनता की खुशहाली की कामना के साथ ऐतिहासिक गांधी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया
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पटना, 15 अगस्त (एबीएन) मुख्यमंत्री सुमित चौधरी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार के लोगों की खुशी और समृद्धि की कामना के साथ पटना के गांधी मैदान में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। श्री चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि यह दिन उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के त्याग, तपस्या और बलिदानों का प्रतीक है, जिन्होंने अपनी जान देकर हमें स्वतंत्रता दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने आगे कहा कि आज का बिहार "सेवा, संकल्प, समर्पण" के भाव के साथ आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य राज्य के हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करना है। प्रशासन पारदर्शी हो और हर व्यक्ति को सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अवसर मिले। इसी सोच के साथ राज्य में 'सहयोग सेवा' की शुरुआत की गई है। यह प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित होने वाले इन सहयोग सेवा के माध्यम से आम नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रख सकते हैं। जनता की शिकायतों के निवारण के लिए 30 दिनों की सख्त समय सीमा निर्धारित की गई है।
श्री चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार ने अपराध के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। पुलिस के आधुनिकीकरण के सिलसिले में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 'इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम' के तहत 1,833 एम्बुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड, हाईवे पेट्रोलिंग, डिजास्टर रिस्पांस और महिला व बाल हेल्प लाइन जैसी सुविधाएं औसतन 10 मिनट के भीतर प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी थाना क्षेत्रों में 'अभय ब्रिगेड' का गठन किया गया है और 'पुलिस दीदियों' को 5,000 स्कूटी देने का फैसला किया गया है ताकि उन्हें स्कूलों, कॉलेजों के बाहर और सार्वजनिक स्थानों पर तैनात किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 साल पहले हमारे राज्य का बजट बहुत कम हुआ करता था और उस समय कुल बजट का 87 प्रतिशत हिस्सा झारखंड से आता था। उन्होंने कहा कि 2026-27 के लिए बिहार सरकार ने 3 लाख 47 हजार 590 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। यह बजट राज्य के विकास के रोडमैप को दर्शाता है। इस बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, प्रौद्योगिकी और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के क्रियान्वयन से बिहार की वित्तीय व्यवस्था मजबूत हुई है और वित्तीय वर्ष 2026-27 के जून तक के कुल राजस्व की प्राप्ति में बिहार ने 16.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
श्री चौधरी ने कहा कि 'बिहार इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पैकेज 2025' में संशोधन और विस्तार किया गया है। इसके साथ ही 'बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026' की शुरुआत की गई है जिसका उद्देश्य है कि वर्ष 2030 तक बिहार सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी उद्योगों का एक बड़ा केंद्र बन जाए। उन्होंने कहा कि इस समय बिहार में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र, लगभग 10,000 एकड़ औद्योगिक भूमि, प्लग एंड प्ले शेड्स, ड्राई पोर्ट, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक सुविधाएं और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्टिविटी उपलब्ध है। हर जिले में औद्योगिक जोन तैयार करने के उद्देश्य से 14,600 एकड़ नई औद्योगिक भूमि के अधिग्रहण की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार की भूमि पर 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना है। उन्होंने राज्य से बाहर रहने वाले सभी बिहारियों से अपील करते हुए कहा कि बिहार आपकी जन्मभूमि है, आपकी कर्मभूमि जहां भी हो, आप अपनी कर्मभूमि से जन्मभूमि की ओर लौटें और बिहार की समृद्धि में अपना योगदान दें।