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जनहित एवं विकास परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करेंः मुख्य सचिव
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जनहित एवं विकास परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करेंः मुख्य सचिव

Awaz E Bihar•25 अगस्त 2026 को 07:30 pm बजे•53 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें

पटना, 25 अगस्त: (एबीएन) मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में राज्य के सभी जिलों के दंडाधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. इस दौरान कृषि, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, ऊर्जा समेत अन्य विभागों से जुड़ी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गयी. मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि विकास कार्यों एवं भूमि हस्तांतरण के मामलों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने जनहित एवं विकास से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिये तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं की प्रगति की साप्ताहिक एवं मासिक आधार पर नियमित समीक्षा करने को कहा.
किसान रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि राज्य में 86.36 लाख किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है. अब तक 53.54 लाख किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 62 प्रतिशत है। किसान पंजीकरण में वैशाली और शेखपुरा जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि सारण और जमुई में धीमी प्रगति हुई है। मुख्य सचिव ने इन जिलों के प्रदर्शन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण में तेजी लाने का निर्देश दिया. राज्य स्तरीय सत्यापन के लिए लंबित आवेदनों को भी शीघ्रता से निस्तारित करने को कहा गया।
ऊर्जा विभाग की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि राज्य में अब तक 1,22,656 आवेदन प्राप्त हुए हैं और सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया जारी है. कुल 35,741 ऋण आवेदनों में से 58.8 प्रतिशत ऋण स्वीकृत किये जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने बैंकों से बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण अस्वीकृति दर को कम करने तथा घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया.
आंगनबाडी केन्द्रों के भवनों के निर्माण की समीक्षा करते हुए प्रत्या अमृत ने भूमि की अनुपलब्धता एवं भूमि संबंधी विवादों के त्वरित समाधान पर बल दिया। उन्होंने मनरेगा (वीबी-जी रामजी) एवं 15वें वित्त आयोग के संसाधनों को प्रभावी ढंग से साझा कर आंगनबाडी केन्द्रों का निर्माण निर्धारित अवधि में पूरा करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य विभाग के टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए बताया गया कि राज्य में अब तक 2.59 करोड़ लोगों की टीबी की जांच की जा चुकी है. यह निर्धारित लक्ष्य 52 दिन का 213 प्रतिशत है. सारण जिले ने 400 प्रतिशत और सहरसा ने 386 प्रतिशत स्क्रीनिंग के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर 'टीबी मक्त भारत समिति' को सक्रिय रखने और नक्षे पोर्टल पर सभी परिणामों की समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने फ्रंटलाइन स्क्रीनिंग बढ़ाने, 100 प्रतिशत अग्रिम न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (एनएटी) आयोजित करने और नक्शे पोशन योजना के तहत लाभार्थियों को भुगतान में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। इस योजना के तहत अब तक 93,275 लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है।
सहकारिता विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचना, कोल्ड स्टोरेज एवं सब्जी आउटलेट के लिए लंबित तीन भूमि तथा प्याज भंडारण के लिए लंबित नौ भूमि का हस्तांतरण शीघ्र पूरा करें.
उच्च शिक्षा क्षेत्र में सात निश्चय-3 के तहत 211 नये डिग्री कॉलेजों के स्थायी परिसरों के निर्माण की भी समीक्षा की गयी. अब तक 68 महाविद्यालयों की भूमि का विवरण प्राप्त हो चुका है, जबकि 143 महाविद्यालयों की भूमि का विवरण अभी भी लंबित है। दो एकड़ भूमि का हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने प्रखंड मुख्यालय के पास उपलब्ध सरकारी या गैर खेती योग्य सार्वजनिक भूमि की पहचान कर उसे नये डिग्री कॉलेजों के लिए आवंटित करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़ी योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने और उन्हें तय समय पर जमीन पर उतारने का निर्देश दिया.
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